(गुगरापुर से संतोष तिवारी की रिपोर्ट)
वर्तमान समय में प्राकृतिक चिकित्सा से गंभीर बीमारियों का उपचार सुलभ तरीके से हो रहा हैं। प्राकृतिक चिकित्सा दिवस 2018 से प्रति वर्ष 18 नवम्बर को मनाया जाता हैं। इसी दिन महात्मा गांधी ने 1945 में प्राकृतिक चिकित्सालय की स्थापना की जो वर्तमान में पुणे में राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान के रूप में संचालित हैं। यह बात आज भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित प्राकृतिक चिकित्सा शिविर मेंयोग व प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र उदयपुर के अंतर्गत संचालित कंचन सेवा संस्थान प्रभारी डॉ. छैल बिहारी शर्मा ने प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के बारे में बताई।

उन्होंने बताया प्राकृतिक चिकित्सा से जीवन के शारीरिक, मानसिक, नैतिक सिद्धांतों के साथ व्यक्ति के सद्भाव का निर्माण होता हैं।यह ऐसी प्रणाली हैं जो शरीर के भीतर महत्वपूर्ण उपचारात्मक शक्ति के अस्तित्व को मान्यता देती हैं। रोग ठीक करने के लिए मानव शरीर से अवांछित और अप्रयुक्त मामलों को बाहर निकालकर विषाक्त पदार्थों को निकालकर मानव प्रणाली की सहायता की वकालत करती हैं। प्राकृतिक चिकित्सा केवल रोग ही नहीं बल्कि रोगी का शरीर नवीकृत होता हैं। इससे पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी अपेक्षाकृत कम समय में सफलतापूर्वक उपचारित किया जाता हैं।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा में आहार चिकित्सा, उपवास चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, जल चिकित्सा, सूर्य किरण चिकित्सा, वायु चिकित्सा, क्षेत्रीय वनौषधियां का बिना दुष्प्रभाव प्रयोग होता हैं। जिसमें मुख्य उपचार मिट्टी की पट्टी, मिट्टी का स्नान, सूर्य स्नान, गर्म और ठंडा सेक, कटी स्नान, मेहन स्नान, पैर-हाथ का गर्म सेंक, वाष्प स्नान, पूर्ण टब स्नान, रीढ़ स्नान सर्वांग गीली चादर लपेट, छाती व घुटने की पट्टी, एनिमा, जलनेती, वमन, माथे की पट्टी, पेट पर पट्टी रोगानुसार मालिश की क्रियाएं की जाती हैं।
इस चिकित्सा से पेट कि खराबी, दाद खाज, त्वचा रोग, वात रोग, पुराने दर्द, गठिया, कब्ज, अपच आदि रोगों का उपचार हो रहा है। इससे पूर्व मुख्य अतिथि परिषद के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष रमेश मेहरोत्रा, प्रांतीय उपाध्यक्ष डा. सुधीर दीक्षित, नगर अध्यक्ष अतुल भारती , संजीव गुप्ता संजू, सिद्धार्थ गुप्ता, अमित गुप्ता, ललितमोहन सिंह अजीत मिश्र,सुशील गुप्ता पोलो सहित संस्थान के चिकित्सकों ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।कंचन सेवा संस्थान के डा शायमलाल कोसनिवाल, सुशील कुमार जैन कमल कुमार, राहुल,नरेंद्र,जमुना संगीता सहित कई लोग मौजूद रहे।