यूपी की राजनीति में एक और पार्टी की हुई इंट्री, पूर्व डीजीपी ने खाकी के बाद खादी की सम्हाली डोर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक और पार्टी की इंट्री हो गई है। बुंदेलखंड राज्य और बुंदेलखंड वासियों के उत्थान का मुद्दा उठाते हुए जनपद बांदा के रहने वाले पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने नई पार्टी बनाई है। पको बता दे की उत्तर प्रदेश सरकार में रहे पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने खाकी के बाद अब खादी की बागडोर सम्हाल ली है । उन्होंने बुंदेलखंड लोकतांत्रिक पार्टी का गठन किया है। बांदा जिले के तिंदवारी थाना अंतर्गत बेंदा जौहरपुर के रहने वाले पूर्व डीजीपी ने प्रेस वार्ता कर बताया की आजादी के बाद से किसी भी पार्टी की सरकार ने बुंदेलखंड को महत्व नहीं दिया यह क्षेत्र अति पिछड़ा है और यहां के लोग पंजाब, हरियाणा के लोगों की तरह अपनी मांगे पूरी कराने में सक्षम नहीं है यही कारण है की यहां के लोगों की कोई सुनवाई नहीं होती है सालों से बुंदेलखंड राज्य की मांग की जा रही है लेकिन यह मांग पूरी नहीं की जा रही। केंद्र और प्रदेश की सरकारें नहीं चाहती की बुंदेलखंड अलग राज्य बने। यहां के लोग दिन प्रतिदिन गरीबी के बोझ में दबते का रहें हैं। उन्होंने कहा जब तक बुंदेलखंड अलग राज्य नही बनेगा तबतक यहां की गरीबी नही मिटेगी नदियों का दोहन हो रहा है लगातार जल स्तर नीचे गिरता जा रहा है। वहीं मेडिकल कॉलेज बना पर वो भी स्टाफ की कमी से जूझ रहा इतना ही नहीं। सालों से पुलों के खंभे खड़े है पर पुल का निर्माण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कई लोगों से चर्चा की पर यहां के उत्थान के बारे में कोई नहीं सोच रहा है। इसी कारण उन्होंने एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन किया है । इस पार्टी का एक ही मुद्दा है बुंदेलखंड का विकास और विकास के लिए जरूरी है बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाना। ताकि यहां का हक कोई और प्रभावशाली इलाका न छीन सके। मध्यप्रदेश के आठ जिले और उत्तर प्रदेश सात जिले मिलाकर बुंदेखंड राज्य का निर्माण किया जाएगा इसी मुद्दे को लेकर पार्टी बनाई गई है।