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Kanpur News – हर काम शौर्य से नहीं होते, कहीं धैर्य, चतुराई भी जरूरी, कथावाचक राम हृदय दास जिज्ञासु महाराज

कानपुर समाचार – पशुपति नगर में राम महोत्सव का हुआ पांचवां दिन, बताई गई प्रभु राम की माया, श्रद्धालुओं ने लगाया जयकारा 
 
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा – कानपुर नगर 
 
Kanpur News – श्री राम सार्वजनिक सेवा समिति की ओर से किदवई नगर के पशुपति नगर स्थित श्री राम कथा पार्क में चल रहे राम कथा महोत्सव के पांचवें दिन बुधवार को कथावाचक राम हृदय दास जिज्ञासु महाराज ने प्रभु राम के रूप, शील, शौर्य, धैर्य, बल आदि का बखान किया।
 
आगे पढ़िए 
 
उन्होंने कहा कि हर काम शौर्य से नहीं होते, कुछ काम धैर्य तो कुछ चतुराई व शील से सम्पन्न होते हैं। प्रभु राम ने रावण को बल से मारा लेकिन खर-दूषण को चतुराई से मारा। परशुराम को धैर्य से जीता तो राजा जनक को रूप से जीता। महाराज दशरथ हमेशा प्रभु के शील का बखान करते थे। वरदान मांगने पर अड़ी कैकेयी का क्रोध भी उन्होंने अपने शील से ही शांत किया।
 
प्रभु ने बाण में रची थी माया 

जिज्ञासु महाराज ने बताया कि प्रभु राम जानते थे कि खर-दूषण को बल से नहीं मारा जा सकता। उनका अंत तभी होगा जब वे एक-दूसरे का वध करें। इसके लिए जरूरी था कि वे एक-दूसरे में अपने शत्रु को देखें, इसीलिए प्रभु ने एक बाण से ऐसी माया रची कि खर-दूषण ने एक दूसरे में राम को देखा और आपस में ही लड़ मरे। अंत समय में राम को देखने और राम का नाम लेने से उनका उद्धार भी हो गया।

नेताओं को दी नसीहत 
 
उन्होंने बताया कि शील, मनुष्य की आंखों में बसता है। लेकिन जब आंखों पर ममता का पर्दा पड़ जाता है तो शील समाप्त हो जाता है। महाराज ने आज के नेताओं को भी सीख दी कि राजनीति राम से सीखें। उनका चरित्र पढ़कर जानें कि कहां बल का प्रयोग करना है, कहां धैर्य व चतुराई का।
 
आज यह भी रहे उपस्थित 

आज की कथा के दौरान किदवई नगर क्षेत्र से भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी, भगवान परशुराम महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाजपा श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक भूपेश अवस्थी, कानपुर व्यापार मंडल के वरिष्ठ मंत्री विजय शुक्ला, व्यायाम शिक्षक विकास तिवारी, कार्यक्रम संयोजक देवेश द्विवेदी, मोनू पांडे, राजेन्द्र सिंह चौहान, रविशंकर अग्निहोत्री, हितेश तिवारी, अभिनव शुक्ला, गोलू पार्षद, अजय अग्निहोत्री, विवेक वाजपेयी, राम कुमार द्विवेदी, अशोक मिश्रा आदि मौजूद रहे।