जनपद बांदा का रोडवेज परिसर राहगीरों और सवारियों के लिए जी का जंजाल बना हुआ जहां सड़क किनारे खुली अवैध दुकानें रोजाना जाम का सबब बनती हैं वहीं यह दुकानें अराजक तत्त्वों का अड्डा भी बनी हुई। बड़ी बात यह है की देर रात भी यहां किसी भी सुरक्षा कर्मी की तैनाती नही है। जिसके चलते यहां शराबी अराजकतत्व आए दिन घटनाओं को अंजाम देते हैं वहीं सूत्र कहते है की यहां से एक किलोमीटर दूर पुलिस चौकी है पर वह भी सत्ताधारियों के आगे मजबूर हैं जिसके चलते यहां अपराध पनप रहा है। कोतवाली पुलिस घटनाओं पर ठोस कार्रवाई नहीं करती जिसके कारण शराबियों और अराजकतत्वों के हौसले बुलंद हैं।
आपको बता दें शहर कोतवाली अंतर्गत रोडवेज बस स्टैंड में स्थित अवैध दुकाने देर रात तक खुली रहती है जहां शराबी और अराजक तत्व रुकते हैं और अपने बैठने का ठिकाना बनाए हुए हैं आचार संहिता लागू है लोकसभा चुनाव भी जारी है इसके बावजूद जिला प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा सबसे बड़ा खतरा अपने काम से देर रात निकलने वाले राहगीरों को है जिनसे यह शराबी और अराज तत्व भिड़ जाते हैं और घटना को अंजाम देते है वही अब खतरा बस स्टैंड में रुकने वाले सवारियों को भी है क्योंकि बस स्टैंड में किसी भी सुरक्षाकर्मी की तैनाती नहीं है। अब देखने वाली बात होगी की जिला प्रशासन इस अवैध अतिक्रमण पर ठोस कदम उठाता है या फिर सत्ताधारियों की कठपुतली बन बैठा रहता है।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है