रिपोर्ट : संदीप शर्मा
मानवता और इंसानियत आज भी ना जाने कितने ही लोगों के अन्दर अभी भी जिंदा है। यही कारण है, कि समाज में यह लोग आज भी अपनी अलग पहचान बनाए हुये हैं।
इंसानियत और फर्ज निभाते का ऐसा ही एक मामला जब सामने आया तो जग जाहिर हो गया। जिले के पुलिस कप्तान अमित कुमार आनंद भी जब माजरे से रूबरू हुये, तो अपना कर्तव्य, फर्ज और इंसानियत निभाने वाले इस खाकी वर्दी वाले सिपाही की पीठ थपथपाने के साथ ही पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।
बताते चलें कि बीते बुधवार को कन्नौज जिले के गुरसहायगंज कोतवाली के परिसर में खड़े एक बिजली पोल की करेंट की चपेट में आकर गोपालनगर गुरसहायगंज का एक बच्चा 10 वर्षीय कमलेश पुत्र अनिल सैनी खेलते समय झुलस गया था। जिसके बाद बच्चा बेहोशी की हालत में जमीन पर गिर पडा। यह नजारा आसपास मौजूद कुछ लोगों के अलावा कोतवाली में मौजूद कुछ पुलिस कर्मियों की जानकारी में भी आया। जिसके बाद अनहोनी घटना की आशंका पर हड़कंप मच गया था।इससे पहले कि अनहोनी सच साबित होती, कोतवाली में मौजूद पुलिस के सिपाही गजेंद्र ने अपने सहयोगी अनिल आदि की साथ आनन फानन में बच्चे को गोद में ही उठाकर दौड़ते हुये स्थानीय हॉस्पिटल ले गये। यहां लगातार पुलिस कर्मी बच्चे को थप थपाते हुये और सोना नहिं सोना नहीं जैसे शब्दों को भी बोलते हुये नजर आ रहे थे।इसी बीच हॉस्पिटल में डाक्टर को भी बुलाया गया और बच्चे को तत्काल उपचार के लिये भी कहा गया। बच्चे की समय रहते हॉस्पिटल में उपचार मिलने से आखिर खाकी वर्दी के प्रयास से जहां एक मासूम जिंदगी बच गई, वहीं डाक्टर ने भी खाकी वर्दी की तारीफ करते हुये बधाई दी। इसके बाद बच्चे को परिजनों के साथ सकुशल घर भेज दिया गया। मामला जिले में चर्चा का विषय बना तो जिले के एसपी अमित कुमार आनंद की जानकारी में भी आया। इसके बाद एसपी ने उपरोक्त पुलिस कर्मी को कार्यालय बुलाया और शाबाशी देते हुये मानवता की सच्ची मिशाल पेश करने को बधाई भी दी। एसपी ने सिपाही गजेंद्र को पुरस्कार स्वरूप सम्मानित करते हुये 5 हजार रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया। एसपी से सम्मान पाकर मानों सिपाही का सीना चौड़ा सा नजर आया। उपरोक्त मामला पुलिस महकमें में भी चर्चा का विषय बना रहा।