UP News: सुल्तानपुर जिले के गांधीनगर मोहल्ले में 11 वर्षीय मोहम्मद उसामा की अपहरण के बाद हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। आरोपी पड़ोसी आसिफ ने पांच लाख रुपये की फिरौती के लिए बालक का अपहरण किया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। यह क्रूर अपराध आर्थिक तंगी और लालच की भयावह परिणति है।
घटना का क्रमिक विवरण
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अपहरण और फिरौती की मांग
25 नवंबर को रात आठ बजे मोहम्मद उसामा घर से बारात देखने निकला और लापता हो गया। दूसरे दिन परिजनों को अलग-अलग नंबरों से कॉल कर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने कॉल को ट्रेस किया और जांच शुरू की।
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आरोपी का पर्दाफाश
एक नंबर की लोकेशन मोहल्ले में मिली। पुलिस ने आसिफ के घर की तलाशी ली, जहां उसके बेड के नीचे उसामा का शव मिला। गले में रस्सी कसी थी और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था।
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अपराध की स्वीकृति और योजना
आसिफ ने पुलिस को बताया कि कर्ज में डूबे होने के कारण उसने यह योजना बनाई। फिरौती की राशि 3.74 लाख रुपये पर तय हुई थी। हत्या के बाद वह लाश छिपाकर सामान्य दिखने का प्रयास करता रहा।
आरोपी और परिजन की संलिप्तता
हत्या के बारे में आरोपी के पिता, चाचा-चाची और चचेरी बहन को जानकारी थी। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आसिफ बरात में गया और लौटकर परिजनों के साथ बच्चे को खोजने का दिखावा करता रहा।
पुलिस का प्रयास और सबूत
- मोबाइल लोकेशन: आरोपी ने ई-रिक्शा चालक और दिव्यांग का मोबाइल छीनकर फिरौती मांगी।
- सीसीटीवी फुटेज: आसिफ को उसामा के साथ जाते हुए देखा गया।
- दोस्त की मदद: पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों की जानकारी उसके दोस्त से ली।
मासूम की मौत से परिवार का गम
मृतक उसामा के माता-पिता गहरे सदमे में हैं। मां सलमा ने कहा, “मेरे मासूम बेटे का क्या कसूर था? हत्यारे को फांसी होनी चाहिए।”
पैसों का लालच, इंसानियत की हत्या
यह मामला समाज में बढ़ते लालच और अपराध की भयावहता को दर्शाता है। पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने बताया कि आरोपी ने अपराध कबूल कर लिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
समाज को सीख और चेतावनी
यह घटना चेतावनी है कि आर्थिक तंगी या लालच किस तरह निर्दोष जीवन को समाप्त कर सकता है। ऐसे अपराधों के खिलाफ कड़ी सजा और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है।