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UP News: ध्वस्त किया गया 60 साल पुराना ‘शिव मंदिर’, उठी पुनर्निर्माण की मांग.. जानिए पूरा मामला

UP News: अलीगढ़ में जहां मुस्लिम बहुल इलाकों में एक के बाद एक मंदिर मिल रहे हैं, वहीं एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें एक 60 साल पुराना शिव मंदिर ध्वस्त कर दिया गया। यह मंदिर पहले एक हिन्दू आबादी वाले क्षेत्र में स्थित था, लेकिन धीरे-धीरे स्थानीय हिन्दू समुदाय के पलायन के कारण वहां मंदिर की देखभाल की जिम्मेदारी कम हो गई थी। इस घटना पर अब एक अधिवक्ता ने जिलाधिकारी से शिकायत कर मंदिर का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।

मंदिर को बम से उड़ाने की कोशिश

अधिवक्ता शैलेश रावत ने बताया कि नगला किला क्षेत्र में एक समय हिन्दू आबादी रही थी, लेकिन धीरे-धीरे लोग वहां से पलायन कर गए। हालांकि, इस दौरान भी मंदिर में पूजा होती रही। रावत का कहना है कि 25 नवंबर 1999 को मंदिर को पूरी तरह से उखाड़ने की कोशिश की गई थी, जब कुछ लोगों ने बम धमाका किया था। बम धमाके में मंदिर का कुछ हिस्सा ध्वस्त हो गया, लेकिन पूरी तरह से गिरने से बच गया। यह घटना इस बात का संकेत थी कि मंदिर की भूमि पर कब्जा करने की नीयत से यह प्रयास किया गया था।

अधिकारियों की अनदेखी से बढ़ी समस्या

मंदिर और धर्मशाला की जमीन को कब्जाने के लिए भूमाफिया किस्म के लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की। पुलिस और प्रशासन की अनदेखी के कारण यह मामला बढ़ गया। हालांकि, इस मामले में अपर नगर मजिस्ट्रेट ने शिव मंदिर की पहचान के आधार पर क्वार्सी थाने को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था।

मंदिर की जमीन पर कब्जे की साजिश नाकाम

अधिवक्ता शैलेश रावत के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने सिविल मामले के रूप में पेश किया और इसे अदालत में निस्तारित करने की सलाह दी। इसके बाद राजस्व इंस्पेक्टर ने मंदिर की जमीन के बारे में अदालत में सबूत पेश किए और यह प्रमाणित किया कि यह भूमि मंदिर और धर्मशाला की है। राजस्व इंस्पेक्टर ने तहसील कोल के खसरा खतौनी में मंदिर के नाम पर दर्ज होने का प्रमाण एकत्र किया और अदालत में मामला प्रस्तुत किया।

न्यायालय से भूमाफिया को मिली हार

राजस्व इंस्पेक्टर के सबूतों के आधार पर न्यायालय ने भूमाफिया को नाकाम किया। इसके बाद अब अधिवक्ता ने जिलाधिकारी से मंदिर का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है, ताकि 60 साल पुराने इस मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व कायम रह सके।

निष्कर्ष:

अलीगढ़ का यह मामला भूमि कब्जे और धर्म के नाम पर हो रही साजिशों को उजागर करता है। अधिवक्ता की शिकायत और न्यायालय की मदद से भूमाफिया को मुंह की खानी पड़ी। अब इस मामले में जिलाधिकारी से जल्द कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है ताकि मंदिर का पुनर्निर्माण किया जा सके और उसका धार्मिक महत्व बरकरार रहे।