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बॉर्डर गांवों में विकास की सौगात, मंत्री ने सुनीं पीड़ाएं

🚩 बॉर्डर गांवों में पहुंचा विकास का कारवां, मंत्री बलदेव सिंह औलख ने सुनीं जन-जन की आवाज

✍️अजय देव वर्मा 

🛣️ बॉर्डर से सटे गांवों में सरकार का सीधा संवाद

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और पीलीभीत के प्रभारी बलदेव सिंह औलख ने इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे इलाकों में पहुँचकर न सिर्फ सरकारी योजनाओं का ज़मीनी स्तर पर जायज़ा लिया बल्कि वहां के ग्रामीणों की समस्याओं को भी प्रत्यक्ष रूप से सुना और समाधान का आश्वासन दिया।

शनिवार को उन्होंने हजारा थाना क्षेत्र के टाटरगंज, बैल्हा, और आसपास के गांवों का दौरा किया। यह इलाका वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की मांग करता रहा है, और अब पहली बार मंत्री स्तर की सक्रियता ने ग्रामीणों में नई उम्मीदें जगा दी हैं।

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🏡 पंचायत सचिवालय और अन्नपूर्णा केंद्र का हुआ उद्घाटन

अपने दौरे के दौरान मंत्री औलख ने टाटरगंज गांव में नवनिर्मित पंचायत सचिवालय और अन्नपूर्णा भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा:

“अब ग्रामीणों को ब्लॉक और तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकारी योजनाओं की सारी जानकारी और सेवाएं गांव में ही उपलब्ध होंगी।”

📄 अब गांव में ही मिलेगी योजनाओं की जानकारी और सुविधा

गांव में नियुक्त पंचायत सहायक के ज़रिए अब ग्रामीण सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं के फॉर्म भर सकेंगे, लाभ उठा सकेंगे और प्रक्रिया की जानकारी पा सकेंगे। मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था सरकार की “डिजिटल गांव, सक्षम ग्राम” की परिकल्पना को साकार करेगी।

🍚 राशन के लिए नहीं जाना होगा दूर

अन्नपूर्णा भवन की शुरुआत के साथ अब ग्रामीणों को राशन लेने के लिए दूसरे कस्बों या बाज़ारों में नहीं भटकना पड़ेगा। गाँव में ही सस्ती दरों पर राशन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गरीबों और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

🧑‍🌾 जमीन पर मिलेगा कानूनी हक

किसानों की सबसे बड़ी मांग – जमीन का मालिकाना हक – को लेकर मंत्री ने साफ किया कि सरकार इस दिशा में सक्रिय है। जो लोग वर्षों से सरकारी या चारागाह भूमि पर खेती कर रहे हैं, उन्हें पट्टा देकर कानूनी हक दिलाया जाएगा।

 

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📚 इंटर कॉलेज और अस्पताल की भी सौगात जल्द

गांवों के युवा शिक्षा से वंचित न रहें, इसके लिए सरकार ने टाटरगंज और बैल्हा में इंटर कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंत्री ने बताया कि जमीन चिन्हित की जा रही है और निर्माण जल्द शुरू होगा।

वहीं, भरतपुर का 30 बेड का अस्पताल पूरी तरह तैयार है और अब बस उद्घाटन की प्रतीक्षा है। इसके शुरू होते ही क्षेत्र के हजारों लोगों को प्राथमिक चिकित्सा और उपचार की सुविधा गांव में ही मिलने लगेगी।

🗣️ ग्रामीणों ने खुलकर रखीं समस्याएं

इस मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी बात खुलकर रखी – किसी ने सड़क निर्माण की मांग की, तो किसी ने अस्पताल, स्कूल और साफ-सफाई जैसे मुद्दे उठाए। मंत्री औलख ने हर व्यक्ति की बात ध्यान से सुनी और तत्काल अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।

बॉर्डर से लगे गांवों में यह दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता का प्रमाण था। वर्षों से अनदेखे गांव अब सरकार की नजरों में हैं, और शायद अब विकास की रफ्तार वहां भी पहुंचेगी, जहां सिर्फ सीमाएं थीं – सुविधाएं नहीं।

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