3

Recent News

Pilibhit में गूंजा हनुमान दल का जयघोष, हिंदू एकजुटता का संकल्प! कहा - 'अब संकट में कोई सनातनी अकेला नहीं'

Pilibhit के कलीनगर क्षेत्र में राष्ट्रीय हनुमान दल की महत्वपूर्ण बैठक एवं विचार गोष्ठी का आयोजन ग्राम पंचायत बांसखेड़ा में…

Pilibhit News: दावत के लिए बछड़े की हत्या, फिर पुलिस पर गोली चलाई; 2 महीनों से फरार 'शरीफ' दे रहा था चकमा, गिरफ्तार..

Pilibhit News: दावत के लिए गोवंशीय बछड़े का वध करने और उसके अवशेष गन्ने के खेत में फेंकने के मामले…

Asian Games से पहले भारतीय खिलाड़ी का आत्महत्या की धमकी वाला वीडियो, कहा - 'मां-पापा माफ करना...', लेकिन क्यों?

Asian Games: जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स से ठीक पहले भारतीय वुशु टीम से जुड़ा…

BRICS New Delhi Declaration: पहलगाम हमले पर बड़ा फैसला; आतंकियों की फंडिंग-पनाह देने वालों की खैर नहीं..

BRICS New Delhi Declaration: भारत की अध्यक्षता में BRICS देशों के बीच नई दिल्ली घोषणा पर सहमति बनी है। इसमें…

Shocking News: BJP प्रत्याशी अपने पति और बच्चे समेत लापता, अपहरण? वोटिंग के बाद मोबाइल बंद; पुलिस तलाश में जुटी..

Shocking News: राजस्थान के बारां नगर परिषद चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद वार्ड नंबर-16 से भाजपा प्रत्याशी…

3

Recent News

Pilibhit के कलीनगर क्षेत्र में राष्ट्रीय हनुमान दल की महत्वपूर्ण बैठक एवं विचार गोष्ठी का आयोजन ग्राम पंचायत बांसखेड़ा में…

Pilibhit News: दावत के लिए गोवंशीय बछड़े का वध करने और उसके अवशेष गन्ने के खेत में फेंकने के मामले…

Asian Games: जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स से ठीक पहले भारतीय वुशु टीम से जुड़ा…

BRICS New Delhi Declaration: भारत की अध्यक्षता में BRICS देशों के बीच नई दिल्ली घोषणा पर सहमति बनी है। इसमें…

Shocking News: राजस्थान के बारां नगर परिषद चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद वार्ड नंबर-16 से भाजपा प्रत्याशी…

Breaking News

Pilibhit: बाघों की धरती पर लापरवाही का साया, इंसानों की गलती ने प्रकृति का दिल तोड़ दिया

पीलीभीत: बाघों के लिए मशहूर, लेकिन वन विभाग की लापरवाही ने किया सबको हैरान

Pilibhit:  प्राकृतिक धरोहर के बीच सवालों का साया

उत्तर प्रदेश का पीलीभीत जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और बाघों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाता है। यहां का टाइगर रिजर्व दुनिया भर में मशहूर है और बाघों के लिए यह इलाका एक सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। लेकिन हाल के दिनों में कुछ घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारी पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

Pilibhit:  थाने में बंधा लंगूर, वायरल हुआ वीडियो

ताज़ा मामला बिलसंडा थाना क्षेत्र से सामने आया, जहां थाने के भीतर एक लंगूर को रस्सी से बांधकर रखा गया। दावा किया गया कि यह लंगूर बंदरों को आबादी से भगाने के लिए वहां रखा गया था। हैरानी की बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद भी वन विभाग ने न तो मौके का मुआयना किया और न ही किसी तरह की औपचारिक कार्रवाई की। बताया जाता है कि आंतरिक स्तर पर अधिकारियों ने सिर्फ मौखिक रूप से लंगूर को छोड़ने का निर्देश दिया और मामला वहीं दबा दिया गया।

पहले भी हुई है गंभीर चूक: तेंदुए की मौत का मामला

बीते दिनों पीलीभीत में एक मादा तेंदुआ कार की टक्कर से मारी गई थी। इस मामले में गाड़ी और आरोपी दोनों की पहचान होने के बावजूद वन विभाग अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर सका। आरोपी ने विभागीय लापरवाही का फायदा उठाकर अदालत से राहत पा ली और आज भी खुलेआम घूम रहा है। इस घटना ने साबित कर दिया कि संरक्षण कानून सिर्फ कागजों में सख्त हैं, लेकिन जमीन पर उनकी लागू करने की रफ्तार बेहद धीमी है।

Pilibhit:  भारत में वन्यजीव संरक्षण की अहमियत

भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम को बेहद गंभीरता से लिया जाता है और यही वजह है कि दुनिया के कुल बाघों का 60% से अधिक भारत में सुरक्षित रूप से रह रहा है। लेकिन जब जिम्मेदार अधिकारी नियमों को नजरअंदाज करते हैं, तो यह कानून सिर्फ एक औपचारिक दस्तावेज बनकर रह जाते हैं। लंगूर और तेंदुए जैसे मामले इस बात का सबूत हैं कि केवल बाघों पर ध्यान केंद्रित करना बाकी वन्यजीवों के साथ नाइंसाफी है।

Pilibhit:  वायरल वीडियो के बाद भी चुप्पी

लंगूर को बांधने वाला वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ी। सवाल यह है कि क्या वन विभाग के संरक्षण का दायरा सिर्फ टाइगर रिजर्व तक सीमित है? या फिर छोटे-बड़े सभी जीवों के लिए समान रूप से काम करने की जिम्मेदारी है? विभाग की चुप्पी और कार्रवाई से बचने का रवैया पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों पर संदेह पैदा करता है।

Pilibhit:  जवाबदेही तय करना जरूरी

पीलीभीत की प्राकृतिक धरोहर को बचाने के लिए केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि त्वरित और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। वन विभाग को ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने के ठोस उपाय करने होंगे। तभी संरक्षण के असली मायने पूरे हो पाएंगे और पीलीभीत अपनी सही पहचान को बनाए रख सकेगा।

पीलीभीत: पेड़ पर उल्टा लटका मिला मृत बानर, डीएफओ की चुप्‍पी से उठे सवाल, क्‍या फैल रही है कोई रहस्‍यमयी बीमारी?