पीलीभीत: जिला अधिकारी ने “जागृति प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति (सीएलएफ)” का भव्य उद्घाटन — महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की उम्मीद जगी
पीलीभीत (रॉकेट पोस्ट भारत )
मैदना स्थित पंचायत सचिवालय में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के अंतर्गत जागृति प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति (CLF) का विधिवत उद्घाटन किया गया, जिसमें जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, ब्लॉक मिशन मैनेजर, ग्राम प्रधान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस आयोजन की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन से की गई और स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं द्वारा आकर्षक रंगोली सजाकर पंचायत परिसर की शोभा को और बढ़ाया गया। UPSRLM का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और कौशलयुक्त बनाना है, ताकि वे अपने परिवारों का भरण-पोषण कर सकें तथा ग्रामीण आजीविका में स्थायी योगदान दे सकें।
स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी और कार्यक्रम की रंगारंग झलक
मरौरी विकासखंड के अन्तर्गत विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की दर्जनों महिलाओं ने इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लिया।
मैदना स्थित जागृति प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति के अंतर्गत सक्रिय समूहों में शामिल रही:
पिंकी विश्वास समूह
अनीता मंडल समूह
ममता श्रीवास्तव समूह
तराना समूह
सविता समूह
मंजू देवी समूह सखी
शबाना ममता स्वास्थ्य सखी
कार्यक्रम में नन्हे बच्चों ने देशभक्ति गीतों के साथ उत्साह भर दिया और स्वागत गीत ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया।
सरकार की मंशा: महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को नई दिशा
प्रमुख अतिथियों ने अपने संबोधनों में महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन, और ग्रामीण आजीविका के मजबूतीकरण में सीएलएफ की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह एक ऐसा मंच है जो महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।
UPSRLM के तहत आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार द्वारा 747 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है, जो जल्द ही ग्रामीण महिलाओं के समूहों को प्राप्त होगी। इससे समूहों के उत्पादों के विनिर्माण, विपणन और स्वरोजगार हेतु आवश्यक संसाधन मजबूत होंगे।
इसके अतिरिक्त, प्रदेश में करीब 1.18 करोड़ परिवारों को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सशक्त बनाने तथा स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए पिछले वर्षों में बड़े पैमाने पर मिशन गतिविधियाँ संचालित की जा चुकी हैं।
सशक्तिकरण: सरकारी योजनाओं से जुड़े अवसर
जागृति प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति के मंच पर महिलाओं को न सिर्फ आजीविका-सम्बंधित गतिविधियों में जोड़ा जा रहा है बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमशीलता कार्यक्रमों से भी जोड़ने के प्रयास तेज़ी से किए जा रहे हैं। UPSRLM स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड, बैंक लीजेक, सामुदायिक निवेश निधि जैसी सुविधाओं से भी लाभान्वित करता है, जिससे ग्रामीण महिलाएं व्यावसायिक गतिविधियों को आत्मनिर्भर ढंग से संचालित कर सकती हैं।
योजना के तहत महिलाओं को ग्रामीण उद्योगों, स्वरोजगार, बुनाई-कुटाई, खाद्य प्रसंस्करण, हस्त-शिल्प और कृषि-सम्बंधित गतिविधियों में प्रशिक्षित किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप महिलाओं की आय स्थिर रूप से बढ़ रही है और वे आर्थिक निर्णयों में अधिक भागीदारी कर पा रही हैं।
स्थानीय नेतृत्व और प्रशासनिक टीम की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की साख बढ़ाई
ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार, सचिव मनोरंजन, ब्लॉक मिशन मैनेजर मरौरी नसीम अहमद, पुष्पेंद्र कुमार सहित क्षेत्र के कई सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गंभीरता और जनहित उद्देश्य को और अधिक मजबूत बना दिया। स्थानीय नेतृत्व और प्रशासनिक अधिकारियों के एक मंच पर आने से यह संदेश साफ झलका कि गांव के विकास, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सभी जिम्मेदार लोग एकजुट हैं। उनकी मौजूदगी ने न सिर्फ प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि यह भरोसा भी दिलाया कि गांव की भावी योजनाओं और जनता की जरूरतों पर उच्च स्तर पर गंभीरतापूर्वक काम किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन और सकारात्मक सहयोग से यह आयोजन और भी प्रभावशाली तथा प्रेरणादायक बन गया।
आलोचनाओं को सकारात्मक दिशा में बदलने की प्रेरणा
जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने सीएलएफ के उत्पादों को स्वयं देखा और समूह की मेहनत व गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण इलाकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने समूह की दीदियों को सलाह दी कि वे और अधिक उत्पादक बनें और आधुनिक विपणन तकनीकों को अपनाकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहुँच बढ़ाएँ।
सरकार का व्यापक लक्ष्य: ग्रामीण आय में वृद्धि और शून्य गरीबी
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण गरीबी को उन्मूलन करने के लिए “Zero Poverty Uttar Pradesh Campaign” जैसी पहलों के माध्यम से अत्यंत गरीब परिवारों को प्रमुख कल्याण योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं और परिवारों को स्थायी आर्थिक अवसर मिलें।
आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम
इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि UPSRLM का लक्ष्य सिर्फ समितियों का गठन नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाना है। जिला अधिकारी के मार्गदर्शन में जागृति प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति ने एक मजबूत शुरुआत की है, जो आगे चलकर ग्रामीण आजीविका, स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण में एक मिसाल बन सकती है।
आगे के कार्यक्रमों में इन समूहों द्वारा उत्पादों के प्रदर्शन, वित्तीय साक्षरता कार्यशाला और उद्यम प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर दीदी अपने पैरों पर मजबूत खड़ी हो सके।