पीलीभीत: डीएम ने सांसद खेल महोत्सव 2025 “फिट युवा फॉर विकसित भारत” खेल प्रतियोगिताओं का किया समापन किया
पीलीभीत -रॉकेट पोस्ट भारत
सांसद खेल महोत्सव 2025 “फिट युवा फॉर विकसित भारत” के तहत आयोजित खेल प्रतियोगिताओं का भव्य समापन जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र श्रीवास और नगर मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह सहित वरिष्ठ खेल तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने विजेता खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र तथा सम्मान देकर उनकी उत्कृष्ट प्रतिभा और उपलब्धियों को सम्मानित किया।
यह महोत्सव न केवल पीलीभीत के युवाओं के लिए खेल के अवसर पैदा करने का माध्यम बना, बल्कि फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व जैसे गुणों को आगे बढ़ाने का एक प्रभावी मंच भी साबित हुआ।
सांसद खेल महोत्सव की थीम “फिट युवा फॉर विकसित भारत” ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर युवाओं को खेल के साथ जोड़ने की दिशा में केंद्रित थी।
युवा शक्ति ही विकसित भारत की राह
पीलीभीत में आयोजित सांसद खेल महोत्सव की प्रतियोगिताओं में चारों विधानसभा क्षेत्रों के चुनिंदा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया और अपनी क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया। यह आयोजन खेलो इंडिया मूवमेंट और फिट इंडिया विजन को ग्रामीण अंचल तक विस्तार देने का हिस्सा रहा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों के साथ-साथ पारंपरिक खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने समापन समारोह में कहा कि “खेल सिर्फ प्रतिस्पर्धा का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, संयम, स्वास्थ्य और मनोबल का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि शासन की यही मंशा है कि ग्रामीण अंचलों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को मैदान मिले, कोचिंग मिले तथा महिलाओं और युवा वर्ग को खेलों से जोड़कर उनकी प्रतिभा को उजागर किया जाए।
सम्मानित विजेता खिलाड़ी और प्रतियोगिताओं का रोचक सार
सब जूनियर बालिका वर्ग की प्रतियोगिताओं में चक्का फेंक, लंबी कूद और ला फेक सहित कई श्रेणियों में खिलाड़ियों ने पदक जीते।
चक्का फेंक – मंजू (प्रथम), सलोनी (द्वितीय), मीनाक्षी (तृतीय)
लंबी कूद – आलिया (प्रथम), मंजू (द्वितीय), मनीष पाल (तृतीय)
ला फेक – कीर्ति (प्रथम), लीलावती (द्वितीय), गायत्री (तृतीय)
जूनियर बालिका और बालक वर्ग में वॉलीबॉल, कबड्डी, गोला फेंक, लंबी कूद जैसे कई श्रेणियों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और जीत हासिल की।
जूनियर बालक वर्ग में
चक्का फेंक – गौरव (प्रथम), युवराज सिंह (द्वितीय), हिमांशु (तृतीय)
वॉलीबॉल – प्रियांशु राना और पार्टी (प्रथम)
लंबी कूद – शोएब (प्रथम), हारून (द्वितीय), आलोक (तृतीय)
सब जूनियर बालक वर्ग की श्रेणियों में भी चक्का फेंक और गोला फेंक जैसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे युवा प्रतिभाओं की छाप साफ़ दिखी।
प्रशासनिक टीम और निर्णायक मंडल की भूमिका
इस आयोजन में जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह, जिला युवा कल्याण अधिकारी अमित कुमार, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी छविराम सिंह, तथा निर्णायक मंडल के सदस्य —
आदित्य गंगवार, जयप्रकाश बघेल, यासीन अहमद, प्रशांत शुक्ला, संजय पांडे, विभा मिश्रा, राजीव कुमार, गुरमेज सिंह, शांति स्वरूप, भवानी शंकर, अनीता जोशी, राजेश शुक्ला, रीना मिश्रा और सर्वेंद्र नाथ शुक्ला सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यापक दुर्गेश कुमार आर्य ने उत्कृष्ट रूप से किया।
जिलाधिकारी सहित सभी अधिकारियों ने विजयी खिलाड़ियों को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं को पहचान और अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वे आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकें।
योजना का उद्देश्य — फिट युवा, विकसित राष्ट्र
सांसद खेल महोत्सव 2025 “फिट युवा फॉर विकसित भारत” का लक्ष्य यह है कि खेलों के माध्यम से युवाओं में स्वास्थ्य, मानसिक मजबूती, टीम भावना और नेतृत्व का विकास हो। यह महोत्सव ग्रामीण से लेकर शहरी तक हर स्तर पर युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करता है और उन्हें अवसर प्रदान करता है, जिससे भविष्य में खेल संस्कृति और खेल प्रतिभा को बढ़ावा मिल सके।
सरकार की खेल नीतियों का समर्थन और युवा सशक्तिकरण
सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाएँ बढ़ाने और युवाओं को फिट इंडिया अभियान से जोड़ने का उद्देश्य स्पष्ट रूप से इस आयोजन में दिखाई दिया।
ऐसे आयोजन न केवल खेलों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।
खेलों ने दी युवा शक्ति को नई उड़ान
पीलीभीत में सांसद खेल महोत्सव का समापन एक उत्सव की भावना के साथ हुआ, जहाँ युवा प्रतिभाओं ने न केवल प्रतिस्पर्धा की, बल्कि खेलों को संस्कृति, अनुशासन और समुदाय के बल पर आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया।
जिलाधिकारी और प्रशासन ने वायदा किया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन युवा वर्ग को और प्रेरित करेंगे और पीलीभीत के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने में मदद करेंगे।