गोरखपुर में इंस्टाग्राम स्टेटस विवाद से शुरू हुई साजिश — 11वीं के छात्र सुधीर भारती की कॉलेज कैंपस में गोली मारकर बेरहमी से हत्या
गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) — सोशल मीडिया पर एक इंस्टाग्राम स्टेटस ने एक मासूम की ज़िंदगी छीन ली। 26 दिसंबर की दोपहर लगभग 1:30 बजे पिपराइच स्थित कोऑपरेटिव इंटर कॉलेज के मैदान में 17 वर्षीय छात्र सुधीर भारती, जिसे दोस्त प्यार से “भोला” कहकर बुलाते थे, को गोली मार दी गई। एक चुनौती भरे सोशल मीडिया स्टेटस के बाद रची गई साजिश ने उसकी ज़िंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दी।
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ विवाद, जो पहुंचा हत्या तक
सुधीर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था। उसने इंस्टाग्राम पर “भोला” नाम से आईडी बना रखी थी और रोज़ाना चार-पांच रील व स्टेटस डालता था। तीन दिन पहले उसका गांव के कुछ नाबालिग लड़कों से विवाद हुआ था। पहले भी गांव में ऐसे झगड़े होते रहे थे, जिन्हें बड़े-बुजुर्ग समझा-बुझाकर शांत करा देते थे, लेकिन इस बार मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया।
दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ इंस्टाग्राम पर स्टेटस और पोस्ट डालने लगे। 26 दिसंबर की सुबह सुधीर ने एक ऐसा स्टेटस लगाया, जिसमें गालियां लिखी थीं और खुलेआम चुनौती दी गई थी —
“दम है तो सामने आकर मुकाबला करो।”
यही स्टेटस उसकी ज़िंदगी का आख़िरी पोस्ट साबित हुआ।
कॉलेज कैंपस में दिनदहाड़े फायरिंग, छात्र की मौके पर मौत
26 दिसंबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे सुधीर कोऑपरेटिव इंटर कॉलेज के मैदान में एक परिचित को बाइक चलाना सिखाने गया था। उसी दौरान चार युवक कॉलेज कैंपस में घुस आए।
एक बदमाशों ने तमंचा निकालकर सुधीर पर गोली चलाई, लेकिन पहला निशाना चूक गया। इसके बाद दो आरोपियों ने सुधीर का हाथ पकड़ लिया और तीसरे आरोपी ने उसके सीने में गोली मार दी।
गोली लगते ही सुधीर लहूलुहान होकर ज़मीन पर गिर पड़ा। आरोपी तमंचा लहराते हुए मौके से फरार हो गए। कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई और छात्र-छात्राएं दहशत में भागने लगे।
डर के मारे भागा दोस्त, मोहल्ले में फैली खबर
जिस लड़के को सुधीर बाइक सिखा रहा था, वह डर के मारे सीधे मोहल्ले की ओर भागा और लोगों को घटना की जानकारी दी। शुरुआत में परिजनों को यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि सुधीर खून से लथपथ पड़ा था और उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
लाश रखकर हंगामा, गांव में तनाव
घटना के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए परिजन और ग्रामीण करीब ढाई घंटे तक हंगामा करते रहे। हैरानी की बात यह रही कि मुख्य आरोपी का घर सुधीर के घर से महज 100 मीटर की दूरी पर है।
आक्रोशित लोग सुधीर की लाश को आरोपी के घर के गेट पर रखकर रोते-बिलखते रहे। मां राजकुमारी का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा —
“मेरे बेटे की जान गई है, अब जान का बदला जान चाहिए।”
पुलिस अलर्ट, FIR दर्ज, इलाके में सुरक्षा बढ़ी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हालात को देखते हुए पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। आधी रात तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। परिजन थाने में डटे रहे।
FIR में 17 वर्षीय नाबालिग मुख्य आरोपी के साथ-साथ विनय, रोशन और ऋषभ को नामजद किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के परिजनों से पूछताछ की है और हालात बिगड़ने से रोकने के लिए आरोपियों के घरों पर ताले लगवा दिए गए हैं।
राजकरण नय्यर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर
“प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह सोशल मीडिया पर डाला गया इंस्टाग्राम स्टेटस है। मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।”
एक सवाल, जो पूरे समाज के सामने खड़ा है
एक हंसता-खेलता छात्र, जो किताबों और सपनों की उम्र में था, आज सिर्फ़ एक नाम बनकर रह गया।
यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है —
क्या सोशल मीडिया पर डाली गई एक पोस्ट किसी की जान लेने की वजह बन सकती है?
और अगर हां, तो क्या हम अपने बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों के लिए तैयार कर पा रहे हैं?