आगरा में तांत्रिक की हैवानियत! जिन्न–झाड़फूंक के नाम पर नाबालिग से हैवानियत, दो दिन बंधक बनाकर बनाया शिकार
उत्तर प्रदेश के आगरा से है, जिस दौर में देश चांद–मंगल की बातें कर रहा है, उसी दौर में अंधविश्वास के अंधेरे में डूबे कुछ लोग आज भी तांत्रिकों के जाल में फंसकर अपनी इज्जत, अपने बच्चे और अपना भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। आगरा से सामने आया यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि मानवता, कानून और समाज—तीनों के लिए शर्मनाक तमाचा है। यहां एक कथित तांत्रिक ने झाड़-फूंक और जिन्न के नाम पर नाबालिग लड़की को शारीरिक और मानसिक यातनाओं का शिकार बना डाला।
“पेट में जिन्न का बच्चा है” कहकर परिजनों को डराया
आरोप है कि तांत्रिक ने नाबालिग लड़की को गर्भवती बताते हुए उसके परिजनों में खौफ पैदा कर दिया। उसने दावा किया कि लड़की के पेट में “जिन्न का बच्चा” है और अगर समय रहते उसका इलाज नहीं हुआ तो अनहोनी हो सकती है। अंधविश्वास में जकड़े परिजन उसकी बातों में फंसते चले गए और इलाज के नाम पर उसे पूरी छूट दे दी।
इलाज का खौफनाक बहाना, दरिंदगी की साजिश
पीड़िता के परिजनों के मुताबिक तांत्रिक ने कहा कि जिन्न के बच्चे को हटाने के लिए एक विशेष “तांत्रिक प्रक्रिया” जरूरी है, जिसमें शारीरिक संबंध बनाना होगा। यही वह पल था जब अंधविश्वास इलाज से अपराध की सीमा में प्रवेश कर गया। तांत्रिक ने लड़की को बंद कमरे में ले जाकर जबरन कपड़े उतरवाने की कोशिश की और शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया।
वीडियो बनाने और वायरल करने की धमकी से ब्लैकमेल
आरोप है कि तांत्रिक ने लड़की का आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहा। डर और शर्म के चलते नाबालिग कुछ कह भी नहीं पाई। यही नहीं, तांत्रिक ने उसे दो दिन तक बंधक बनाकर रखा और नशीला पानी पिलाकर होश में नहीं रहने दिया, ताकि वह विरोध न कर सके।
अकेला नहीं था तांत्रिक, पूरा गिरोह सक्रिय
मामले में चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि तांत्रिक अकेला नहीं था। उसके साथ तीन अन्य लोगों के शामिल होने का आरोप है। इनमें एक महिला भी शामिल बताई जा रही है, जो खुद को दाई बताकर आई और पीड़िता को बहला-फुसलाकर कपड़े उतरवाने में मदद की। पूरे घटनाक्रम में परिजनों को लगातार गुमराह किया जाता रहा और झाड़-फूंक का नाटक चलता रहा।
भतीजी की हिम्मत से टूटा अंधविश्वास का जाल
इस अंधे खेल का पर्दाफाश तब हुआ, जब पीड़िता की भतीजी को कुछ गड़बड़ महसूस हुई। उसने चोरी-छिपे घरवालों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिवार के होश उड़ गए। सच्चाई सामने आते ही तांत्रिक और उसके साथी फरार हो गए।
आगरा पहुंचे परिजन
पीड़िता फतेहपुर सीकरी क्षेत्र की रहने वाली है। जानकारी मिलते ही उसके परिजन पंजाब से आगरा पहुंचे, सबूत जुटाए और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। 31 दिसंबर को थाना जगदीशपुरा में तहरीर दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
मुख्य आरोपी फरार, पुलिस की तलाश जारी
मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई, लेकिन मुख्य आरोपी तांत्रिक फरार हो चुका है। उसके साथ शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देश में तांत्रिकों की घिनौनी हरकतें लगातार उजागर
यह मामला कोई अकेला नहीं है। देशभर से लगातार ऐसी खबरें सामने आती रहती हैं, जहां तांत्रिक, बाबा और ओझा अंधविश्वास के नाम पर लोगों को ठगते, डराते और शोषण का शिकार बनाते हैं। सोशल मीडिया और अन्य स्रोतों से आए दिन ऐसे खुलासे होते हैं, फिर भी यह एक गंभीर सवाल है कि आज के बदलते और डिजिटल युग में भी लोग कैसे तांत्रिकों के षड्यंत्रों में फंस जाते हैं। यह केवल कानून का नहीं, बल्कि समाज की सोच का भी संकट है।
सवाल जो समाज से जवाब मांगते हैं
एक नाबालिग के साथ हुई यह दरिंदगी बताती है कि अंधविश्वास कितना खतरनाक हो सकता है। सवाल यह है कि आखिर कब तक झाड़-फूंक और जिन्न–भूत के नाम पर मासूम जिंदगियां तबाह होती रहेंगी?