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LPG Crisis: आधी रात को भी गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें, हर तरफ हाहाकार

LPG संकट के बीच कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर आधी रात तक लंबी कतारें लगी रहीं। सिलेंडर की कमी और अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं में बेचैनी ।

 आधी रात को भी गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें, LPG संकट ने बढ़ाई लोगों की बेचैनी

ईरान-इजराइल तनाव के बीच गहराया LPG संकट, यूपी के कई जिलों में दिखने लगी किल्लत

उत्तर प्रदेश। अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच अब एलपीजी गैस की किल्लत की खबरें भी तेजी से सामने आने लगी हैं। खासकर Uttar Pradesh के कई जिलों में गैस सिलेंडर को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि Iran और Israel के बीच जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का असर एलपीजी आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।

हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों में गैस को लेकर अफवाहों का बाजार भी गर्म हो गया है, जिसके कारण कई जगहों पर उपभोक्ता रात में भी गैस एजेंसियों के बाहर कतारें लगाकर खड़े दिखाई दे रहे हैं।

आधी रात को भी एजेंसी के बाहर सैकड़ों लोगों की कतार

ताजा मामला Raebareli जिले से सामने आया है, जहां घरेलू गैस सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच लोगों की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर Salon-जगतपुर मार्ग पर स्थित Indane की कहुआ गैस एजेंसी के बाहर रात करीब आधी रात को भी  सैकड़ों ग्रामीणों की लंबी लाइन लगी रही

दृश्य ऐसा था मानो किसी राहत सामग्री का वितरण हो रहा हो। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी अपने-अपने खाली सिलेंडर लेकर कतार में खड़े दिखाई दे रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एजेंसी के बाहर पुलिस की मौजूदगी में गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा था, लेकिन इसके बावजूद भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी।

घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी नहीं मिल पा रहा सिलेंडर

गैस लेने पहुंचे उपभोक्ताओं का कहना है कि कई-कई घंटे लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है। कई लोग शाम से ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन देर रात तक भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाया।

स्थानीय निवासी मोहम्मद इरफान ने बताया कि वह सलोन-जगतपुर मार्ग स्थित कहुआ इंडेन गैस एजेंसी के उपभोक्ता हैं और करीब दो घंटे से लाइन में लगे हुए थे, लेकिन देर रात तक भी उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल सका। उनका आरोप है कि एजेंसी के कर्मचारी कई बार जान-पहचान वाले लोगों को पहले सिलेंडर दे देते हैं, जिससे लाइन में लगे अन्य उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है।

चार-चार लाइनें लगीं, फिर भी सभी को गैस मिलने की उम्मीद कम

लाइन में खड़े एक अन्य उपभोक्ता सरजू ने बताया कि वह शाम से ही एजेंसी के बाहर कतार में लगे हुए हैं। एजेंसी प्रबंधन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चार अलग-अलग लाइनें बनवाई हैं, लेकिन इसके बावजूद भी लोगों की संख्या इतनी ज्यादा है कि सभी को सिलेंडर मिल पाएगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि गैस की कमी की खबरें सुनकर लोग घबराए हुए हैं और जैसे ही कहीं गैस आने की सूचना मिलती है, लोग तुरंत सिलेंडर लेकर पहुंच जाते हैं।

बुजुर्ग भी कतारों में, सुबह गैस मिलने की उम्मीद में रात से इंतजार

गैस संकट का असर अब आम लोगों की दिनचर्या पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई परिवारों में खाना बनाने की परेशानी खड़ी हो गई है। यही वजह है कि लोग देर शाम से ही लाइन में लगकर सुबह गैस मिलने की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं

सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि कतारों में कई बुजुर्ग लोग भी घंटों खड़े दिखाई दे रहे हैं, जो सिलेंडर मिलने की उम्मीद में देर रात तक एजेंसी के बाहर डटे रहते हैं। कई परिवारों के सदस्य बारी-बारी से लाइन में खड़े होकर अपनी जगह बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

कमर्शियल गैस की कमी से होटल और ढाबे भी संकट में

गैस संकट का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक ही सीमित नहीं है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे होटल, ढाबे और भोजनालय भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी से जूझ रहे हैं

कई ढाबा संचालकों का कहना है कि उन्हें समय पर कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके कारण उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है। कुछ छोटे होटल और ढाबे तो ऐसे हालात में बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं, क्योंकि बिना गैस के खाना बनाना संभव नहीं है।

पूरे उत्तर प्रदेश में बढ़ रही चिंता

रायबरेली की यह तस्वीर केवल एक जिले की नहीं है। प्रदेश के कई हिस्सों से इसी तरह की खबरें सामने आ रही हैं, जहां लोग गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

हालांकि प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा है कि गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हालात लोगों की बेचैनी को साफ बयां कर रहे हैं।

प्रशासन की अपील – अफवाहों से बचें

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और धैर्य बनाए रखें। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

फिलहाल, जिस तरह से रात के अंधेरे में भी गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, वह यह दिखाने के लिए काफी है कि गैस सिलेंडर को लेकर लोगों की चिंता कितनी गहरी हो चुकी है।