3

Recent News

Nana Patekar Death: मौत से पहले दोस्त को आखिरी कॉल, 4 दिन पहले कहा था - ‘पता नहीं कल यहां रहूंगा या नहीं’, Video..

Nana Patekar Death: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा…

Pilibhit में सेवा संकल्प अभियान से बदल रही शहर की तस्वीर, गन्ना तिराहा पर भव्य कलश ने बदली चौराहे की पहचान..

Pilibhit शहर की पहचान अब सिर्फ सड़कों और बाजारों से नहीं, बल्कि बदलते स्वरूप और बढ़ती खूबसूरती से भी होने…

Virat Kohli को 5 करोड़ देकर बुलाते थे प्रेमानंद महाराज? मिला जवाब; क्रिकेट के किंग ने बताई पूरी सच्चाई..

Virat Kohli के प्रेमानंद महाराज से मिलने को लेकर किए गए एक बड़े दावे पर अब उनके प्रवक्ता की तरफ…

Delhi Protest: बसों से राहुल समेत INDI नेता जंतर-मंतर रवाना, प्रदर्शन! दिल्ली पुलिस ने कहा - "इन नियमों का पालन हो, वरना.."

Delhi Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसद आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे…

Accident News: यूपी में दर्दनाक हादसा! मैच खेलकर आ रहे 4 क्रिकेटरों की मौत; झपकी आने से ट्रक में घुसी अर्टिगा..

सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बुधवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में चार क्रिकेटरों की मौत हो गई, जबकि दो लोग…

3

Recent News

Nana Patekar Death: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा…

Pilibhit शहर की पहचान अब सिर्फ सड़कों और बाजारों से नहीं, बल्कि बदलते स्वरूप और बढ़ती खूबसूरती से भी होने…

Virat Kohli के प्रेमानंद महाराज से मिलने को लेकर किए गए एक बड़े दावे पर अब उनके प्रवक्ता की तरफ…

Delhi Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसद आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे…

सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बुधवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में चार क्रिकेटरों की मौत हो गई, जबकि दो लोग…

Breaking News

Inflation In India Rises: पिछले 1 साल में महंगाई का रिकॉर्ड टूटा, फल-सब्जी, अनाज की कीमतें बढ़ीं !

Inflation In India Rises: पिछले 1 साल में महंगाई का रिकॉर्ड टूटा, फल-सब्जी, अनाज की कीमतें बढ़ीं !

Inflation In India Rises: भारत में फरवरी 2026 में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 2.13% पर पहुंच गई है। यह पिछले 12 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। इससे पहले जनवरी 2026 में यह 1.81% और दिसंबर 2025 में 0.83% थी।

कॉमर्स मिनिस्ट्री ने 16 मार्च को थोक महंगाई के नए आंकड़े जारी किए हैं। इसके साथ ही फरवरी में रिटेल महंगाई (CPI) भी बढ़कर 3.21% तक पहुंच गई है, जो जनवरी में 2.74% थी।

वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक रिटेल महंगाई

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रिटेल महंगाई में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले।

  • अप्रैल – 3.16%

  • मई – 2.82%

  • जून – 2.10%

  • जुलाई – 1.61%

  • अगस्त – 2.07%

  • सितंबर – 1.44%

  • अक्टूबर – 0.25%

  • नवंबर – 0.71%

  • दिसंबर – 1.33%

  • जनवरी – 2.74%

  • फरवरी – 3.21%

इन आंकड़ों से साफ है कि अक्टूबर में महंगाई सबसे कम रही, जबकि फरवरी में यह तेजी से बढ़कर साल के ऊंचे स्तरों में पहुंच गई।

वित्त वर्ष 2025-26 में थोक महंगाई का ट्रेंड

थोक महंगाई के आंकड़ों में भी पूरे साल उतार-चढ़ाव देखने को मिले।

  • अप्रैल – 0.85%

  • मई – 0.39%

  • जून – –0.13%

  • जुलाई – –0.58%

  • अगस्त – 0.52%

  • सितंबर – 0.13%

  • अक्टूबर – –1.21%

  • नवंबर – –0.32%

  • दिसंबर – 0.83%

  • जनवरी – 1.81%

  • फरवरी – 2.13%

इससे पता चलता है कि साल के शुरुआती महीनों में कई बार थोक महंगाई निगेटिव भी रही, लेकिन दिसंबर के बाद इसमें तेजी से बढ़ोतरी हुई।

रोजमर्रा के सामान महंगे हुए

फरवरी में रोजमर्रा की जरूरत की कई चीजों के दाम बढ़े हैं।

  • प्राइमरी आर्टिकल्स (रोजमर्रा का सामान)
    महंगाई दर 2.21% से बढ़कर 3.27% हो गई।

  • फूड इंडेक्स (खाने-पीने की चीजें)
    महंगाई –1.41% से बढ़कर 1.85% हो गई।

  • फ्यूल और पावर
    महंगाई –4.01% से बढ़कर –3.78% रही।

  • मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स
    महंगाई 2.86% से बढ़कर 2.92% हो गई।

इसका मतलब है कि फल-सब्जी, अनाज और रोजाना इस्तेमाल की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

अगर जंग लंबी चली तो महंगाई और बढ़ सकती है

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव या जंग लंबी चलती है, तो कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

अगर ऐसा होता है तो:

  • पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं

  • ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ सकता है

  • फल-सब्जी और रोजाना जरूरत की चीजें और महंगी हो सकती हैं

थोक महंगाई के 4 मुख्य हिस्से

थोक महंगाई (WPI) मुख्य रूप से चार हिस्सों से मिलकर बनती है।

1. प्राइमरी आर्टिकल्स

वेटेज 22.62%
इसमें शामिल हैं:

  • अनाज

  • गेहूं

  • सब्जियां

  • अन्य कृषि उत्पाद

2. फ्यूल एंड पावर

वेटेज 13.15%

3. मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स

वेटेज 64.23% (सबसे ज्यादा)

4. अन्य हिस्से

  • नॉन-फूड आर्टिकल्स (जैसे ऑयल सीड)

  • मिनरल्स

  • क्रूड पेट्रोलियम

थोक महंगाई का आम लोगों पर असर

अगर लंबे समय तक थोक महंगाई बढ़ी रहती है, तो इसका असर उद्योगों और उत्पादन क्षेत्र पर पड़ता है।

ऐसी स्थिति में कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल देती हैं, जिससे बाजार में सामान और महंगे हो जाते हैं।

सरकार केवल टैक्स में बदलाव करके ही WPI को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकती है।

उदाहरण के तौर पर:

  • अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं

  • तो सरकार ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कम कर सकती है

लेकिन सरकार भी टैक्स कटौती एक सीमित स्तर तक ही कर सकती है।

महंगाई कैसे मापी जाती है

भारत में महंगाई दो तरह से मापी जाती है।

1. रिटेल महंगाई (CPI)

यह उस कीमत पर आधारित होती है जो आम ग्राहक बाजार में चुकाता है।

2. थोक महंगाई (WPI)

यह उस कीमत को दर्शाती है जो थोक बाजार में एक व्यापारी दूसरे व्यापारी से वसूलता है।

रिटेल महंगाई में हिस्सेदारी

  • फूड और प्रोडक्ट – 45.86%

  • हाउसिंग – 10.07%

  • फ्यूल और अन्य चीजें भी शामिल

थोक महंगाई में हिस्सेदारी

  • मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स – 63.75%

  • प्राइमरी आर्टिकल्स – 22.62%

  • फ्यूल एंड पावर – 13.15%