Kanpur Case: उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath की सरकार में बेटियों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया जाता है। लेकिन उसी प्रदेश के Kanpur में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने इन दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
11 साल की मासूम बच्ची की न सिर्फ हत्या कर दी गई, बल्कि उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं। अगली सुबह उसका शव खेत में मिट्टी के नीचे दबा मिला—बिना कपड़ों के, शरीर पर चोटों के निशान के साथ। यह दृश्य जिसने भी देखा, सन्न रह गया।
शाम को लापता हुई बच्ची… सुबह खेत में दफन मिली लाश
Kanpur के बिधनू इलाके में एक परिवार की पूरी दुनिया कुछ ही घंटों में उजड़ गई।
सोमवार दोपहर तक सब कुछ सामान्य था। 11 साल की बच्ची अपनी बड़ी बहन के साथ गांव के पास खेतों में बकरियां चराने गई थी। दोपहर करीब 3 बजे दोनों साथ थीं। फिर एक छोटा सा काम हुआ—बड़ी बहन बकरी का बच्चा छोड़ने घर लौट आई।
जब वह करीब दो घंटे बाद वापस खेत पर पहुंची, तो उसकी छोटी बहन वहां नहीं थी।
पहले उसे लगा कहीं आसपास होगी। उसने आवाज लगाई, इधर-उधर देखा… लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। घबराकर वह घर लौटी और परिवार को बताया।
इसके बाद जो हुआ, वो हर उस परिवार की सबसे बड़ी आशंका होती है।
गांव के लोग जुटे। खेत, रास्ते, आसपास के इलाके—हर जगह तलाश शुरू हुई। जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ता गया, चिंता डर में बदलती गई।
शाम करीब 7 बजे परिजन थाने पहुंचे। पुलिस भी गांव आई। रातभर तलाश चली, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला। करीब 2 बजे पुलिस भी लौट गई।
सुबह… और एक शक जिसने सच दिखा दिया
मंगलवार सुबह करीब 8 बजे, घर से करीब 500 मीटर दूर एक खेत में कुछ लोगों की नजर पड़ी—मिट्टी खोदी हुई थी।
मिट्टी थोड़ी गीली थी… जैसे अभी-अभी खोदी गई हो।
शक हुआ। लोगों ने वहीं खुदाई शुरू की।
कुछ ही देर में वो सामने था, जिसे कोई देखना नहीं चाहता था।
गड्ढे के अंदर बच्ची का शव मिला—मिट्टी में दबा हुआ।
शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। हालत देखकर साफ था कि उसके साथ बेहद क्रूरता हुई है।
मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। कुछ ही मिनटों में खबर पूरे गांव में फैल गई।
गांव में गुस्सा, पुलिस से टकराव
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
मौके को घेरकर शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू हुई।
लेकिन इस बीच गांव का गुस्सा फूट पड़ा।
परिजनों और ग्रामीणों ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर शक जताया। आरोप लगाया कि उसी ने इस वारदात को अंजाम दिया है।
भीड़ आरोपी के घर की तरफ बढ़ी। माहौल इतना गरम हो गया कि उसके घर को आग लगाने की कोशिश तक की गई।
पुलिस को बीच में आकर भीड़ को हटाना पड़ा।
सबूत और शक की दिशा
पुलिस ने जब आरोपी के घर की जांच की, तो कुछ अहम चीजें मिलीं—
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मिट्टी से सने कपड़े
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संदिग्ध हालात
फोरेंसिक टीम ने इन सबको कब्जे में ले लिया है।
फिलहाल एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
शव ले जाने में भी हंगामा
जब पुलिस बच्ची का शव पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने लगी, तो गांव वाले फिर भड़क गए।
लोगों की मांग थी—
पहले आरोपी को सजा, फिर शव जाएगा
स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की हो गई।
एक वक्त ऐसा भी आया जब पुलिसकर्मी शव लेकर पैदल ही वहां से निकलते नजर आए।
परिवार की हालत
बच्ची के पिता मजदूरी करके घर चलाते हैं।
वह 5 बहनों में तीसरे नंबर पर थी।
एक सामान्य सा परिवार… जिसकी जिंदगी एक दिन में बदल गई।
पुलिस क्या कह रही है?
जांच को लेकर पुलिस ने 5 टीमें बनाई हैं।
Vipin Tada के मुताबिक:
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कई अहम सबूत मिले हैं
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एक संदिग्ध हिरासत में है
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी
Kanpur Case: यह सिर्फ एक अपराध की खबर नहीं है…
यह उस डर की कहानी है, जो हर माता-पिता के मन में छुपा होता है—
कि बच्चा घर से निकले और सुरक्षित वापस आए।
यहां बस कुछ घंटे का फासला था—
और उसी में एक परिवार सब कुछ खो बैठा।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).