UP News: वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर हुई एक इफ्तार पार्टी अब विवाद का कारण बन गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला बढ़ गया और आरोप लगा कि पार्टी में चिकन बिरयानी परोसी गई और उसके अवशेष गंगा में फेंके गए। शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या हुआ गंगा के बीच?
बताया जा रहा है कि सोमवार शाम Varanasi में एक युवक ने रोजा इफ्तार का कार्यक्रम रखा था।
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रोजेदारों को घाट पर बुलाया गया
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एक बड़ी नाव पहले से बुक थी
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सभी लोग Assi Ghat से Namo Ghat तक नाव से गए
नाव पर ही नमाज पढ़ी गई और खजूर-फल खाकर रोजा खोला गया।
वीडियो वायरल, विवाद शुरू
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग नाव पर बड़े भगोने से खाना निकालकर खाते दिख रहे हैं।
आरोप है कि:
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चिकन बिरयानी परोसी गई
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खाने के बाद उसकी हड्डियां गंगा में फेंकी गईं
हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वीडियो के सामने आते ही विवाद तेज हो गया।
गंगा की धारा,नाव पर बिरयानी..
वाराणसी में सोमवार की शाम गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी की महफिल से नया विवाद खड़ा हो गया!आरोप लग रहें हैं कि आयोजक ने रोजदारों ने फल-मेवा के साथ बिरयानी परोसी थी।गंगा में बीच धार में नाव पर इफ्तार पार्टी और चिकन बिरयानी के वीडियो भी आया है? pic.twitter.com/cnKt1tBbJ2— Tushar Rai (@tusharcrai) March 17, 2026
भाजपा और संगठनों का विरोध
भारतीय जनता युवा मोर्चा (Bharatiya Janata Yuva Morcha) के महानगर अध्यक्ष Rajat Jaiswal ने इस मामले में कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने कहा कि:
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मां गंगा सनातन धर्म में आस्था का केंद्र है
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ऐसे में गंगा के बीच मांसाहार करना और अवशेष फेंकना निंदनीय है
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इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं
साथ ही उन्होंने नाव चालक के खिलाफ भी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की मांग की।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया।
Vijay Pratap Singh के मुताबिक:
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शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया
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दो टीमों का गठन किया गया
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छापेमारी कर 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पूरा मामला क्या कहता है?
यह मामला सिर्फ एक इफ्तार पार्टी का नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और संवेदनशीलता से जुड़ गया है।
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एक तरफ आयोजन को सामान्य इफ्तार बताया जा रहा है
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दूसरी तरफ उस पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप है
यानी मामला अब कानूनी के साथ-साथ सामाजिक बहस का भी रूप ले चुका है।