Middle East War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। Kuwait Airways की विशेष फ्लाइट KU5632 मंगलवार को भारत पहुंची, लेकिन इस फ्लाइट में एक भी जिंदा यात्री नहीं था। यह विमान 20 भारतीयों के पार्थिव शरीर लेकर Cochin International Airport पहुंचा, जहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया।
‘स्पेशल फ्लाइट’ जिसने देश को झकझोर दिया
यह कोई सामान्य अंतरराष्ट्रीय उड़ान नहीं थी, बल्कि एक ऐसी फ्लाइट थी जो सिर्फ उन भारतीयों को वापस लेकर आई, जिनकी मौत कुवैत में अलग-अलग कारणों से हो गई थी।
इन शवों की भारत वापसी कई दिनों से रुकी हुई थी, जिससे परिवारों का इंतजार और दर्द दोनों बढ़ते जा रहे थे।
युद्ध का असर: वापसी में देरी की बड़ी वजह
हालांकि इन भारतीयों की मौत का सीधे युद्ध से संबंध नहीं था, लेकिन मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने उनकी घर वापसी को मुश्किल बना दिया।
एयरस्पेस बंद होने, फ्लाइट शेड्यूल गड़बड़ होने और लॉजिस्टिक दिक्कतों के कारण शवों को भारत लाने में देरी हुई।
आखिरकार फ्लाइट KU5632 को कोलंबो के रास्ते भारत लाया गया।
कोच्चि एयरपोर्ट पर भावुक दृश्य
जैसे ही फ्लाइट कोच्चि एयरपोर्ट पर लैंड हुई, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
एयरपोर्ट प्रशासन ने पहले से एम्बुलेंस और विशेष वाहनों की व्यवस्था कर रखी थी, ताकि सभी पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द उनके घर भेजा जा सके।
केरल और तमिलनाडु के थे ज्यादातर मृतक
न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, इन 20 लोगों में से अधिकतर केरल के कोझिकोड, अलाप्पुझा और कोट्टायम जिलों के रहने वाले थे।
कुछ शवों को तमिलनाडु भी भेजा गया, जहां उनके परिजन अंतिम संस्कार के लिए इंतजार कर रहे थे।
हफ्तों तक अटका रहा मामला
इन पार्थिव शरीरों को भारत लाने की प्रक्रिया कई दिनों से अटकी हुई थी।
कानूनी औपचारिकताओं, फ्लाइट कैंसिलेशन और अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण यह मामला लंबित होता गया।
परिवारों के लिए यह इंतजार बेहद कठिन था, क्योंकि वे अपने प्रियजनों के अंतिम दर्शन के लिए तरस रहे थे।
अपनों के लौटने का दर्दनाक सच
जब ये शव अपने घर पहुंचे, तो हर तरफ मातम छा गया।
जो लोग बेहतर जिंदगी की तलाश में विदेश गए थे, वे अब तिरंगे में लिपटकर वापस लौटे।
परिवारों के लिए यह एक ऐसा दर्द है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।