UP Accident News: Kushinagar के भैसहा मेले में एक दर्दनाक हादसे का वीडियो सामने आया है, जिसमें 60 फीट ऊंचा झूला अचानक गिरता दिखाई देता है। महज 15 सेकेंड के इस वीडियो में साफ दिखता है कि कैसे झूला गिरते ही नीचे खड़े लोग और आसपास की दुकानें उसकी चपेट में आ जाती हैं। इस हादसे में 30 लोग घायल हो गए, जिनमें 2 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा बुधवार रात करीब 11:30 बजे हुआ, जब झूला तेज रफ्तार से घूम रहा था।
- झूले में करीब 80 लोग सवार थे
- 2 चक्कर लगाने के बाद झूला चरमराने लगा
- लोगों ने चिल्लाकर रुकवाने की कोशिश की
- लेकिन ऑपरेटर ने इसे नजरअंदाज कर दिया
कुछ ही सेकेंड बाद तेज आवाज के साथ झूला उखड़कर जमीन पर गिर गया।
उत्तर प्रदेश के जिला कुशीनगर –
मेले में कल रात एक बड़ा हादसा
झूला उखड़कर गिरा 20 से ज्यादा लोग
घायल हो गए हुए कई की हालत
गंभीर बताई जा रही है। #Kushinagar pic.twitter.com/deHiAQBznu— Chaudhary Sanjeev Singh (@Sanjeev33260284) April 2, 2026
अफरा-तफरी का माहौल
जैसे ही झूला गिरा—
- चारों तरफ चीख-पुकार मच गई
- कई लोग झूले के नीचे दब गए
- आसपास खड़े लोग भी घायल हो गए
झूले का आकार इतना बड़ा था कि रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 1 घंटे का समय लगा।
घायलों की स्थिति
पुलिस के अनुसार—
- कुल 30 लोग घायल हुए
- 10 से ज्यादा को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया
- 2 बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है
- घायलों में महिलाएं और बच्चे ज्यादा हैं
6 एंबुलेंस की मदद से सभी को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की वजह क्या सामने आई?
प्रशासन की शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ—
- झूले का बेस (फाउंडेशन) कमजोर था
- जमीन बालू (रेतीली) थी
- भारी वजन (80 लोग) सह नहीं पाया
Sandeep Singh के मुताबिक, झूले की अनुमति तो ली गई थी, लेकिन सुरक्षा में लापरवाही बरती गई।
FIR दर्ज, जांच शुरू
हादसे के बाद—
- ग्राम प्रधान मोहन भारती के खिलाफ FIR दर्ज
- झूला संचालक पर भी केस
- लापरवाही की जांच शुरू
प्रशासन यह भी देख रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं।
क्या है भैसहा मेला?
भैसहा मेला हर साल चैत्र पूर्णिमा पर लगता है—
- स्थान: नारायणी नदी किनारे प्राचीन दुर्गा मंदिर के पास
- अवधि: 4 दिन (30 मार्च से 4 अप्रैल)
- यहां यूपी, बिहार और नेपाल से हजारों लोग आते हैं
हादसा मेले के आखिरी दिन से ठीक पहले हुआ, जब भीड़ सबसे ज्यादा थी।
लापरवाही बनी बड़ी वजह
यह हादसा साफ दिखाता है कि मेले जैसे आयोजनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है।
अगर समय रहते चेतावनी पर ध्यान दिया जाता, तो शायद इतने लोग घायल नहीं होते।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).