IPL 2026: IPL में फिटनेस को लेकर टीमें लगातार नए-नए तरीके अपना रही हैं। इसी कड़ी में Lucknow Super Giants (LSG) ने खिलाड़ियों के लिए एक खास हाइड्रेशन टेस्ट शुरू किया है, जो देखने में RTPCR टेस्ट जैसा लगता है। इस टेस्ट से सिर्फ 10 सेकंड में खिलाड़ी के शरीर में पानी की मात्रा का पता लगाया जा रहा है।
कैसे होता है हाइड्रेशन टेस्ट?
इस टेस्ट में एक खास मशीन का इस्तेमाल किया जाता है:
- मशीन को 10 सेकंड के लिए जीभ पर रखा जाता है
- यह RTPCR टेस्ट की तरह दिखता है
- तुरंत रिपोर्ट मिल जाती है कि खिलाड़ी कितना हाइड्रेटेड है
इससे टीम मैनेजमेंट को तुरंत जानकारी मिल जाती है कि खिलाड़ी को और कितना पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स चाहिए।
क्यों जरूरी है हाइड्रेशन लेवल?
टीम की न्यूट्रिशनिस्ट Sona के मुताबिक:
- सही हाइड्रेशन से शरीर में एनर्जी बनी रहती है
- फोकस बेहतर रहता है
- थकान कम होती है
- मैदान पर परफॉर्मेंस बेहतर होती है
परफॉर्मेंस पर सीधा असर
क्रिकेट जैसे हाई-इंटेंसिटी गेम में हाइड्रेशन बहुत अहम होता है।
अगर खिलाड़ी डिहाइड्रेट हो जाए तो:
- रिएक्शन टाइम धीमा हो सकता है
- स्टैमिना घट सकता है
- चोट का खतरा बढ़ सकता है
इसलिए LSG हर खिलाड़ी की नियमित जांच कर रही है।
स्पोर्ट्स साइंस का बढ़ता रोल
अब IPL टीमों में सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स साइंस का भी बड़ा रोल है।
- न्यूट्रिशन
- रिकवरी
- हाइड्रेशन
- डेटा ट्रैकिंग
इन सब पर फोकस करके टीम खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है।
LSG का नया फिटनेस मॉडल
Lucknow Super Giants का यह कदम दिखाता है कि अब टीमें छोटी-छोटी चीजों पर भी ध्यान दे रही हैं, जो मैच के नतीजे पर बड़ा असर डाल सकती हैं।
छोटी जांच, बड़ा फायदा
RTPCR जैसी दिखने वाली यह छोटी सी जांच खिलाड़ियों के लिए बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
फिटनेस और टेक्नोलॉजी का यह कॉम्बिनेशन आने वाले समय में बाकी टीमों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).