Crime: उत्तर प्रदेश के रामपुर से सामने आया यह मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा डरावनी है। पहले इसे सड़क हादसा बताया गया, लेकिन जांच में जो खुलासा हुआ उसने सभी को हिला दिया। एक पति ने पैसों के लालच में अपनी पत्नी—जो कि एक महिला सिपाही थी—और अपने ही दो साल के बेटे को मौत के घाट उतार दिया। आइए पूरी कहानी आसान और विस्तार से समझते हैं।
हादसा नहीं, पहले से रची गई थी हत्या की साजिश
रामपुर जिले के गंज कोतवाली इलाके में 25 फरवरी की रात एक कार हादसा हुआ था। बताया गया कि डंपर की टक्कर से कार में आग लग गई, जिसमें महिला सिपाही लता और उसका दो साल का बेटा लड्डू जिंदा जल गए। लेकिन पुलिस को शुरुआत से ही शक था।
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पहले से प्लान की गई हत्या थी।
लव मैरिज के बाद बढ़ा तनाव, बना हत्या का कारण
सीतापुर की रहने वाली लता ने साल 2021 में दान सिंह से लव मैरिज की थी। शादी के बाद से ही लता अपने पति पर सीतापुर में रहने का दबाव बना रही थी, जिससे दान सिंह परेशान था। इसी तनाव ने धीरे-धीरे खौफनाक साजिश का रूप ले लिया।
दोस्तों के साथ मिलकर बनाया मर्डर प्लान
दान सिंह ने अपने दोस्तों—रवि, नूर हसन, प्रदीप कुमार और अब्दुल करीम—को इस साजिश में शामिल किया। उसने तय किया कि वह अपनी पत्नी और बेटे को रास्ते से हटा देगा ताकि उसे मिलने वाली सरकारी रकम हड़प सके।
कोल्ड ड्रिंक में मिलाई नींद की गोलियां
योजना के तहत दान सिंह अपनी पत्नी और बेटे को नैनीताल घुमाने ले गया। वापसी के दौरान बाजपुर में उसने कोल्ड ड्रिंक ली और उसमें नींद की गोलियां मिला दीं। जैसे ही लता और लड्डू ने ड्रिंक पी, दोनों बेहोश हो गए।
डंपर से टक्कर और फिर कार में आग
इसके बाद काशीपुर रोड पर दान सिंह ने कार को जानबूझकर डंपर से हल्का टकराया ताकि हादसा लगे। फिर अपने साथियों को बुलाकर कार पर पेट्रोल डलवाया और आग लगा दी।
जिंदा जला बेटा, पत्नी को डुबाने की कोशिश
कार में आग लगने के बाद मासूम लड्डू अंदर ही जल गया। वहीं, लता को होश आ गया और वह बाहर निकली, लेकिन दान सिंह ने उसे पास के पानी भरे गड्ढे में डुबाने की कोशिश की।
आखिरी वार: हथौड़ी से की हत्या
जब ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे और साजिश फेल होती दिखी, तो दान सिंह ने लता को एंबुलेंस से न ले जाकर दूसरी कार में बैठाया। रास्ते में उसने हथौड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
डेढ़ करोड़ रुपये के लालच में की हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला सिपाही के बैंक खाते से जुड़े एमओयू के तहत हादसे में मौत होने पर परिवार को 1 से 1.5 करोड़ रुपये तक की मदद मिलती है। इसी रकम के लालच में दान सिंह ने यह खौफनाक कदम उठाया।
पहली पत्नी की मौत भी संदिग्ध
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि दान सिंह की यह दूसरी शादी थी। उसकी पहली पत्नी रजनी की भी 2015 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिससे इस केस में और भी शक गहरा गया है।
पोस्टमार्टम और CCTV से खुला राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, रास्ते के CCTV फुटेज और कॉल डिटेल्स ने पूरी कहानी पलट दी। इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने सच्चाई उजागर की और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, दो फरार
पुलिस ने दान सिंह, नूर हसन और सलमान को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि रवि और प्रदीप अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।