दूसरे का घर बसाया, अपना उजड़ गया: पिता-पुत्र की मौत से मातम
बारात की खुशियों के बीच ऐसा हादसा, जिसने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया
एक परिवार ने मेहनत, संघर्ष और उम्मीदों के सहारे अपने भविष्य को संवारने का सपना देखा था। पिता ने कर्ज लेकर बस खरीदी, बेटे ने उसका हाथ बंटाया और दोनों ने मिलकर अपनी आजीविका का साधन खड़ा किया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पीलीभीत के गौनेरी गांव में बारात से लौटने के कुछ ही मिनट बाद हुए एक दर्दनाक हादसे ने पिता और पुत्र दोनों की जिंदगी छीन ली। 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से पहले पिता की मौके पर मौत हुई, जबकि बेटे ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जिस परिवार ने वर्षों की मेहनत से अपना संसार बसाया था, वह एक पल में बिखर गया।
बारात से लौटने के बाद हुआ हादसा
घटना पीलीभीत के जहानाबाद कोतवाली क्षेत्र के गौनेरी गांव की है। जानकारी के अनुसार निजी बस बरेली से बारात लेकर गांव लौटी थी। सभी बारातियों को सुरक्षित उतार दिया गया था। इसके बाद बस चालक वाहन को मोड़कर खड़ा करने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन बस के संपर्क में आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही बस हाईटेंशन लाइन से छुई, पूरी बस में करंट उतर गया। कुछ ही क्षणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों को समझने का वक़्त भी नहीं मिला।
चालक की सीट पर ही चली गई जान
हादसे के समय चालक अपने स्थान पर बैठा हुआ था। हाईटेंशन लाइन से उतरे हुए करंट का झटका इतना तीव्र था कि उसे संभलने का कोई मौका नहीं मिला। और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पिता को बचाने की कोशिश में बेटे की भी गयी जान
बस में चालक का बेटा भी मौजूद था, जो पिता के साथ काम करता था। हादसे के दौरान वह भी करंट की चपेट में आ गया। तेज झटके के कारण वह दूर जा गिरा और गंभीर रूप से झुलस गया।
स्थानीय लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसकी हालत को देखते हुए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। कुछ समय बाद उसने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
तीन साल पहले खरीदी थी बस, परिवार की आजीविका का यही था मुख्य सहारा
ग्रामीणों के अनुसार मृतक चालक ने लगभग तीन वर्ष पहले कर्ज लेकर यह बस खरीदी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ इस बस चलाना शुरू किया गया था। पिता और पुत्र दोनों मिलकर बस को चलाया करते थे उनकी आय का प्रमुख साधन था।
परिवार को उम्मीद थी कि धीरे-धीरे कर्ज समाप्त हो जाएगा और मेहनत का फल मिलेगा, लेकिन एक अप्रत्याशित हादसे ने उन सभी उम्मीदों को अधूरा छोड़ दिया।
शादी की खुशियां कुछ ही देर में मातम में बदलीं
जिस गांव में कुछ समय पहले तक बारात की रौनक और खुशियों का माहौल था, वहां हादसे के बाद शोक की लहर दौड़ गई। लोगों को जब पिता और पुत्र की मौत की जानकारी मिली तो पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि बारात की वापसी के बाद इतनी बड़ी त्रासदी सामने आएगी। एक ही परिवार के दो कमाऊ सदस्यों का यूं चले जायँगे परिवार के लिए यह गहरा आघात है।
हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत व्यवस्था और हाईटेंशन लाइनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों और आवागमन वाले मार्गों पर गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना चाहिए।
लोगों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती तो संभवतः इस प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सकता था।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि हादसे के कारणों और परिस्थितियों का विस्तृत पता लगाया जा सके।
एक हादसा जिसने दो पीढ़ियों को छीन लिया
गौनेरी गांव का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि उन संघर्षों और सपनों के अचानक समाप्त हो जाने की कहानी है जिन्हें एक पिता और पुत्र ने वर्षों की मेहनत से संजोया था। दोनों रोज की तरह अपने काम में लगे थे, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा। अब पीछे रह गए हैं टूटे हुए सपने, बिखरी हुई उम्मीदें और एक ऐसा परिवार, जिसकी दुनिया कुछ ही क्षणों में उजाड़ गई।