Shocking: अमेरिका से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने उस समय लोगों को हैरान कर दिया था। एक प्रेमी जोड़े के बीच शुरू हुआ विवाद अचानक एक दुखद घटना में बदल गया। मामले में आरोप लगा कि झगड़े के दौरान महिला द्वारा बनाए गए शारीरिक दबाव के कारण उसके प्रेमी की मौत हो गई। बाद में पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और अदालत में सुनवाई के बाद महिला को लंबी जेल की सजा सुनाई गई।
मार्च 2018 में हुई थी घटना
रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना मार्च 2018 की बताई जाती है। मामले में 44 वर्षीय कीनो बटलर और उनकी गर्लफ्रेंड विंडी थॉमस के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बहस हुई, लेकिन धीरे-धीरे मामला बढ़ता गया और कथित तौर पर हाथापाई तक पहुंच गया।
झगड़े के दौरान बिगड़ी स्थिति
जांच में सामने आया कि विवाद के दौरान विंडी थॉमस अपने प्रेमी के ऊपर बैठ गई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उस समय विंडी थॉमस का वजन लगभग 136 किलोग्राम था, जबकि कीनो बटलर का वजन करीब 54 किलोग्राम बताया गया।
अभियोजन पक्ष का कहना था कि शरीर पर पड़े अत्यधिक दबाव के कारण स्थिति गंभीर हो गई।
सांस लेने में होने लगी परेशानी
पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक दबाव बढ़ने के कारण कीनो बटलर को सांस लेने में परेशानी होने लगी। जांच अधिकारियों के अनुसार उन्होंने खुद को छुड़ाने की कोशिश भी की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके।
हालत बिगड़ने के बाद उन्हें चिकित्सा सहायता दिलाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई मौत की वजह
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि मौत का कारण छाती और गर्दन पर अत्यधिक दबाव पड़ने से सांस रुकना था।
मेडिकल विशेषज्ञों ने अदालत में बताया कि लंबे समय तक शरीर पर बना दबाव श्वसन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और यही इस मामले में जानलेवा साबित हुआ।
अदालत में चली लंबी सुनवाई
मामला अदालत तक पहुंचने के बाद अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच लंबी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पुलिस जांच रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और गवाहों के बयान पेश किए गए।
महिला ने भी अदालत में अपना पक्ष रखा और घटना से जुड़े तथ्यों पर अपनी दलील दी।
अदालत ने हत्या की श्रेणी में माना मामला
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध सबूतों और परिस्थितियों को देखते हुए इसे हत्या (Homicide) की श्रेणी में माना।
रिपोर्टों के अनुसार अदालत ने विंडी थॉमस को दोषी मानते हुए 18 से 36 साल तक की जेल की सजा सुनाई।
क्यों चर्चा में आया था यह मामला?
यह मामला अमेरिका में काफी चर्चा में रहा क्योंकि यहां मौत की वजह किसी हथियार या पारंपरिक हमले को नहीं बल्कि शरीर पर लंबे समय तक बने दबाव को माना गया।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह उन दुर्लभ मामलों में शामिल था जहां मेडिकल साक्ष्य और परिस्थितिजन्य प्रमाण अदालत के फैसले में महत्वपूर्ण साबित हुए।