Bangladesh Hindu Protest Video: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार रात हजारों हिंदू समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मशाल लेकर मार्च निकाला और भगवान राम की प्रस्तावित प्रतिमा निर्माण परियोजना को रोके जाने पर नाराजगी जताई। यह मार्च शाहबाग से शुरू होकर नेशनल प्रेस क्लब तक पहुंचा, जहां पूरे रास्ते धार्मिक नारे और प्रदर्शन जारी रहे।
क्यों शुरू हुआ विवाद?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उत्तरी बांग्लादेश के गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी इलाके में चल रहे मंदिर प्रोजेक्ट के दौरान भगवान राम की तस्वीर को कथित तौर पर अपवित्र किया गया और निर्माण कार्य जबरन रोक दिया गया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि घटना के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
प्रदर्शन में छात्र और कई हिंदू संगठन हुए शामिल
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मशाल मार्च में अलग-अलग हिंदू संगठनों के सदस्य, छात्र और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। इस बीच रंगपुर में एक छोटे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प की जानकारी भी सामने आई है।
ढाका में गूंजा जय श्रीराम भगवान श्रीराम के कथित अपमान पर बांग्लादेशी हिंदुओं का जबरदस्त सड़क पर विरोध प्रदर्शन#AyodhyaSIT India #TejRan Abu Dhabi#12YearsOfRisingNorthEast
— SUNAINA “THE DALIT” (@modi_sanam1) June 20, 2026
81 फीट ऊंची भगवान राम प्रतिमा बनाने की थी योजना
गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी इलाके में प्रस्तावित मंदिर परिसर में भगवान राम की 81 फुट ऊंची प्रतिमा बनाई जानी थी।
इसके अलावा परियोजना में 53 फुट ऊंची भगवान कृष्ण की प्रतिमा और 30 फुट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा बनाने की भी योजना थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 22 करोड़ बांग्लादेशी टका यानी लगभग 16.9 करोड़ भारतीय रुपये बताई गई है।
निजी फंडिंग से शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
जानकारी के अनुसार यह निर्माण कार्य 2025 की शुरुआत में निजी फंडिंग के जरिए शुरू किया गया था।
श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति का कहना है कि निर्माण के दौरान कुछ समूहों की ओर से विरोध और कथित धमकियों के बाद सुरक्षा कारणों से काम अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
हिंदू संगठनों ने दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारी संगठनों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
इसके अलावा धार्मिक मामलों के मंत्रालय को ज्ञापन सौंपने और प्रधानमंत्री से मुलाकात की बात भी कही गई है।
64 जिलों में अभियान की तैयारी का दावा
कुछ संगठनों ने देश के 64 जिलों में राम मंदिर निर्माण अभियान चलाने की बात कही है।
दूसरी ओर कुछ संगठनों ने प्रोजेक्ट की फंडिंग को लेकर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है।
अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर भी सामने आए आंकड़े
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2024 के बाद अल्पसंख्यकों पर हजारों घटनाएं दर्ज होने का दावा किया गया है।
इन घटनाओं में कथित तौर पर हत्या, हिंसा, तोड़फोड़, लूटपाट और धार्मिक स्थलों पर हमले जैसी घटनाएं शामिल हैं। हालांकि इन आंकड़ों को लेकर विभिन्न स्रोतों में अलग-अलग दावे भी सामने आते रहे हैं।
मामले पर बनी हुई है नजर
फिलहाल पूरे मामले पर बांग्लादेश सरकार की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और राजनीतिक तथा सामाजिक रूप से चर्चा का विषय बन सकता है।