Crime News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दोना-पत्तल फैक्ट्री में मजदूरों को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया और उनसे जबरन काम करवाया जा रहा था। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें दिन-रात काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी और घर जाने की इजाजत भी नहीं दी जाती थी। पुलिस ने छापेमारी कर 13 मजदूरों को मुक्त कराया है और मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की छापेमारी में 13 मजदूरों को छुड़ाया गया
मुजफ्फरनगर के माड़ी गांव में चल रही दोना-पत्तल फैक्ट्री पर 22 जून की शाम पुलिस ने छापेमारी की।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के मुताबिक मामले की जानकारी मिलने के बाद एक विशेष टीम बनाई गई थी। टीम में एसपी देहात अक्षय संजय महाडिक, सीओ फुगाना विश्वजीत सिंह, सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह, तहसीलदार राधेश्याम गौड़ और तितावी थाना प्रभारी प्रमोद कुमार शामिल थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से 13 मजदूरों को मुक्त कराया।
मजदूरों ने लगाए गंभीर आरोप
मुक्त कराए गए मजदूरों ने आरोप लगाया कि उनसे लगातार काम कराया जाता था और मना करने पर उन्हें पीटा जाता था।
कुछ मजदूरों ने दावा किया कि उन्हें बेल्ट, डंडे और लोहे की रॉड से मारा जाता था। उनका कहना था कि उन्हें आराम करने और ठीक से सोने तक की अनुमति नहीं दी जाती थी।
हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
मजदूरों ने बताए दिए जाने वाले टॉर्चर के तरीके
मुक्त कराए गए मजदूरों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में उनके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया जाता था। उनके अनुसार काम करने से मना करने या घर जाने की बात करने पर उन्हें बेल्ट, हंटर, डंडे, लोहे की रॉड और सरियों से पीटा जाता था। कुछ मजदूरों ने दावा किया कि उनके शरीर पर चोट के कई निशान हैं। उनका यह भी आरोप है कि उनसे लगातार 24 घंटे तक काम कराया जाता था और ठीक से सोने तक नहीं दिया जाता था। मजदूरों के मुताबिक उन्हें पर्याप्त खाना भी नहीं मिलता था और कई बार सिर्फ चोकर की सूखी रोटियां दी जाती थीं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके मोबाइल छीन लिए गए थे, घरवालों से बात नहीं करने दी जाती थी और पहचान से जुड़े दस्तावेज जैसे आधार कार्ड तक नष्ट कर दिए गए। कुछ मजदूरों ने यह भी दावा किया कि भागने की कोशिश करने वालों को डराने के लिए पिटबुल डॉग छोड़ा जाता था और मालिक कथित तौर पर पिस्तौल दिखाकर धमकाता था। इन सभी आरोपों की पुलिस जांच जारी है।
मजदूर बोले- पुलिस हमारे लिए भगवान बनकर आई
मुक्त कराए गए मजदूरों ने पुलिस टीम का धन्यवाद किया।
उनका कहना था कि पुलिस उनके लिए भगवान बनकर आई और उन्हें मुश्किल हालात से बाहर निकाला।
मजदूरों ने एसएसपी और पुलिस टीम को दुआएं भी दीं।
पीड़ित मजदूरों ने सुनाई अपनी आपबीती
सीतापुर निवासी जगदीश ने बताया कि वह करीब 11 महीने से वहां काम कर रहे थे।
उनका आरोप है कि जब भी वह घर जाने की बात करते थे, उन्हें पीटा जाता था। उन्होंने कहा कि उनकी 12 हजार रुपये महीने की सैलरी तय थी, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं किया गया।
वहीं नैनीताल निवासी रामू ने दावा किया कि उन्हें करीब 2 महीने 20 दिन से वहां रखा गया था और सही तरीके से खाना तक नहीं दिया जाता था।
बिहार के रहने वाले उज्ज्वल ने भी आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय तक बंधक बनाकर रखा गया।
मजदूरों को नौकरी और सैलरी का लालच देकर लाया गया था
पुलिस जांच के अनुसार फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान कथित तौर पर मजदूरों को 10 से 12 हजार रुपये महीने की नौकरी का लालच देकर अलग-अलग राज्यों से लाता था।
जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, नेपाल, हरियाणा और राजस्थान से मजदूरों को यहां लाया गया था।
मजदूरों का आरोप है कि बाद में उन्हें न वेतन दिया गया और न ही वापस घर जाने दिया गया।
फैक्ट्री मालिक के पिता और सुपरवाइजर गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान के पिता प्रदीप बालियान और सुपरवाइजर शिवा त्यागी को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल मुख्य आरोपी अंकित बालियान फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीम बनाई गई है।
लापता मजदूरों की भी हो रही जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री से जुड़े तीन मजदूर लापता बताए गए हैं।
इनमें नेपाल निवासी अर्जुन की लाश नवंबर 2025 में बोरे में मिलने की बात सामने आई है। जबकि दो अन्य लोगों के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
एसएसपी का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस लाइन में मजदूरों का स्वागत किया गया
मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में एसएसपी संजय वर्मा ने मुक्त कराए गए मजदूरों से मुलाकात की।
इस दौरान मजदूरों को खाने-पीने की चीजें दी गईं और उनके बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं भी दी गईं।
इसके अलावा पुलिस टीम को बेहतर कार्रवाई के लिए 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई।