UP Viral Video: गोरखपुर में सिंचाई विभाग के कार्यालय के अंदर दिनदहाड़े मारपीट की सनसनीखेज घटना सामने आई है। बाढ़ खंड कार्यालय में निरीक्षण करने पहुंचे एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पर निलंबित क्लर्क, एक सहायक अभियंता और उनके साथी ने हमला कर दिया। आरोप है कि तीनों ने इंजीनियर को घेरकर थप्पड़ों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान कथित तौर पर एक आरोपी ने कहा, “पिस्तौल निकालो, आज इसी को मार देते हैं, इसे छोड़ूंगा नहीं।” करीब 20 मिनट तक कार्यालय में हंगामा चलता रहा। घटना का वीडियो अब सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
निरीक्षण के दौरान हुआ हमला
घटना गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे कैंट थाना क्षेत्र स्थित सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड कार्यालय में हुई। हालांकि इसका वीडियो शुक्रवार को सामने आया।
बताया गया कि सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर विकास सिंह और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विपिन सिंह कार्यालय का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान निलंबित क्लर्क दीपक पांडेय, सहायक अभियंता ध्रुवजी सुमन और उनके साथ एक अन्य युवक वहां पहुंच गए।
इंजीनियर को घेरकर बरसाए थप्पड़
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विपिन सिंह के अनुसार, आरोपी पहले चीफ इंजीनियर को धक्का देकर उनके पास पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी।
जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी। हेलमेट पहने एक युवक ने सबसे पहले उन्हें थप्पड़ मारा, जिसके बाद बाकी दोनों ने भी लगातार थप्पड़ बरसाए।
‘पिस्तौल निकालो, आज इसी को मार देते हैं’
पीड़ित इंजीनियर का आरोप है कि मारपीट के दौरान निलंबित क्लर्क ने अपने साथी से कहा, “पिस्तौल निकालो, आज इसी को मार देते हैं। इसे छोड़ूंगा नहीं।”
इस धमकी के बाद कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
गोरखपुर में दिनदहाड़े बाढ़ खंड कार्यालय में हंगामा, अधीशासी अभियंता को हेलमेट पहने युवक ने जड़े थप्पड़ और जमकर पीटा।।
अधीशासी अभियंता ने सस्पेंड क्लर्क और उनके साथियों पर लगाया मारपीट का आरोप। pic.twitter.com/wH76dKLlNQ
— Ashish Paswan (@ashishpaswan0) July 23, 2026
कर्मचारियों ने बचाई इंजीनियर की जान
मारपीट करीब 20 मिनट तक चलती रही। कार्यालय में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
पीड़ित इंजीनियर का कहना है कि यदि कर्मचारी बीच में नहीं आते तो उनके साथ कोई बड़ी घटना हो सकती थी। आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
निलंबन की रंजिश में हमला करने का आरोप
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विपिन सिंह ने बताया कि विभागीय जांच के बाद उनकी रिपोर्ट पर क्लर्क दीपक पांडेय को 30 अप्रैल को निलंबित किया गया था।
इसके साथ ही उसका वेतन भी रोक दिया गया था। उनका आरोप है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर दीपक पांडेय ने उन पर हमला कराया।
पहले भी मिल चुकी थी धमकी
विपिन सिंह ने बताया कि जनवरी और अप्रैल में भी दीपक पांडेय ने एक कर्मचारी के माध्यम से उन्हें घर से उठवा लेने की धमकी दी थी।
उन्होंने इसकी शिकायत एसएसपी, जिलाधिकारी और कमिश्नर से भी की थी। विभागीय जांच के बाद कार्रवाई हुई थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपी की ओर से धमकियां मिलती रहीं।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना के बाद एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कैंट थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने उनकी तहरीर पर 2 नामजद और 4 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस क्या बोली?
सीओ कैंट आभा सिंह ने बताया कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ करेगी। घटना के समय कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। साथ ही वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल क्या है स्थिति?
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वायरल वीडियो को भी साक्ष्य के रूप में खंगाला जा रहा है। वहीं सिंचाई विभाग के कार्यालय में हुई इस घटना के बाद कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।