UP Rain Alert: उत्तर प्रदेश में पिछले 15 दिनों से लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गई है। प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। गंगा, यमुना, घाघरा, गंडक, हिंडन और शारदा समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं, जबकि 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांवों में पानी घुस गया है, खेतों का कटान शुरू हो चुका है और लोगों का आवागमन नाव के सहारे हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात को देखते हुए अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से बिगड़े हालात
प्रदेश में पिछले दो सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार सुबह लखनऊ, गोंडा और गाजियाबाद में बारिश दर्ज की गई, जबकि दोपहर में मेरठ और बरेली में भी बारिश हुई। बाराबंकी, आगरा समेत 30 से अधिक जिलों में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 54 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
गुरुवार को प्रदेश के 42 जिलों में औसतन 2.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 13 मिमी बारिश सोनभद्र जिले में हुई।
10 से ज्यादा नदियां उफान पर, 4 खतरे के निशान से ऊपर
लगातार बारिश के चलते प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बागपत और नोएडा में हिंडन नदी, बदायूं में गंगा, अयोध्या, गोंडा और बलिया में घाघरा नदी तथा कुशीनगर में गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
इसके अलावा गंगा, यमुना, शारदा, सरयू समेत अन्य नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
सोनभद्र में कनहर बांध के तीन गेट खोले गए
सोनभद्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कनहर बांध का जलस्तर तेजी से बढ़कर 261.300 मीटर तक पहुंच गया। इसके बाद सिंचाई विभाग ने बांध के तीन गेट खोल दिए।
सिंचाई विभाग खंड-3 के अधिशासी अभियंता नंद लाल के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश होने से कनहर नदी में जलप्रवाह बढ़ गया है, जिससे बांध में लगातार पानी आ रहा है। विभाग के इंजीनियर और तकनीकी कर्मचारी 24 घंटे जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। विभाग का लक्ष्य इस महीने के अंत तक जलस्तर 262.00 मीटर तक बनाए रखना है।
सीतापुर में शारदा और घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ा
सीतापुर में गुरुवार रात बनबसा, गिरिजा और घाघरा बैराजों से करीब 3.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
दोनों नदियों का पानी कई गांवों में पहुंच चुका है। एक गांव में कच्ची सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है, जिसके कारण ग्रामीण नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। हालांकि फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
गोंडा में घाघरा नदी ने बढ़ाई चिंता
गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तरबगंज इलाके में अब तक करीब 50 बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। शुक्रवार सुबह बाणीमाझा गांव में गन्ने की फसल भी नदी की तेज धारा में बह गई।
घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 मीटर से 6 सेंटीमीटर ऊपर यानी 106.13 मीटर दर्ज किया गया। शुक्रवार सुबह 8:45 बजे एल्गिन ब्रिज से 2.57 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
इसके बाद:
- गिरिजा बैराज से 1,23,073 क्यूसेक
- शारदा बैराज से 1,31,337 क्यूसेक
- सरयू बैराज से 3,515 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
प्रशासन का अनुमान है कि दोपहर तक जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
बस्ती में सरयू नदी के कटान से बढ़ा खतरा
बस्ती जिले में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय इलाकों में कटान तेज हो गया है। नदी किनारे खड़ा एक खजूर का पेड़ कटान की चपेट में आकर नदी में समा गया।
कटान के कारण कृषि भूमि और आबादी वाले क्षेत्रों पर खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की है।
लखीमपुर खीरी में मगरमच्छ सड़क पर आया
नेपाल और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश का असर लखीमपुर खीरी में भी देखने को मिल रहा है। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र के गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है।
निघासन तहसील के ग्रांट नंबर-12 गांव में नदी तेजी से कटान कर रही है। कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और नदी की धारा गांव की आबादी के बेहद करीब पहुंच गई है। इसी बीच जिले के एक गांव में मगरमच्छ सड़क पर दौड़ता हुआ दिखाई दिया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
गोंडा में 28 बाढ़ चौकियां अलर्ट पर
गोंडा जिले में प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए 28 बाढ़ चौकियों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। घाघरा नदी के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है और राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश, बाढ़ और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
फिलहाल क्या हैं हालात?
लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन अलर्ट पर है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).