Jantar Mantar Violence: जंतर-मंतर पर नाबालिग छात्रा के पिता से हुई मारपीट के मामले में नया मोड़ सामने आया है। हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज FIR को गलत बताया है। उनका कहना है कि स्वतंत्र पर गलत आरोपों के आधार पर केस दर्ज किया गया है।
स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में थाने पहुंचे हिंदू रक्षा दल के लोग
हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और कहा कि स्वतंत्र के खिलाफ गलत आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
उनका दावा है कि मामले में गंभीर धाराएं बेवजह लगाई गई हैं। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से कार्रवाई पर दोबारा विचार करने की मांग की है।
दक्ष चौधरी और उनकी टीम सुबह 10 बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर स्वतंत्र भारद्वाज के लिए न्याय मांगने और निशु के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए मौजूद रहेगी।
हर हिंदू से जो वहां पहुंच सकता है, विनम्र निवेदन है कि कृपया आएं और अपना समर्थन दिखाएं। अभी नहीं तो कभी नहीं 🙏 pic.twitter.com/DyhvBfiO9X
— Indian🇮🇳 (@singh31919) September 5, 2026
POCSO एक्ट के तहत स्वतंत्र पर FIR
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। यह कार्रवाई एक नाबालिग की ओर से ऑनलाइन धमकियां मिलने की शिकायत के बाद की गई।
इस शिकायत में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि अब जांच की जा रही है कि नाबालिग को सोशल मीडिया पर धमकी किसने दी और इसमें किन लोगों की भूमिका है।
पहले दर्ज FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जुड़ीं
इस मामले में पुलिस ने पहले दर्ज FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। इसी कार्रवाई के विरोध में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्वतंत्र के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराएं गलत तरीके से लगाई हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
जंतर-मंतर पर 23 जून को क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत 23 जून 2026 की शाम जंतर-मंतर पर हुई थी। उस समय CJP का प्रदर्शन चल रहा था। एक व्यक्ति अपनी 14 साल की बेटी के साथ वहां मौजूद था और शाम करीब साढ़े पांच बजे मोबाइल से वीडियो बना रहा था।
इसी दौरान कुछ युवकों से उसकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि दो-तीन युवकों ने उसे घेर लिया और उसके साथ मारपीट की।
सिर पर घूंसे और ठोस चीज से वार का आरोप
मारपीट के दौरान सिर पर घूंसे मारने का आरोप है। इसके अलावा लोहे के कड़े जैसी किसी ठोस चीज से भी वार किए जाने की बात सामने आई थी।
चोट लगने के बाद पीड़ित को RML अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल जांच में उसके सिर पर दो कटे हुए घाव मिले थे।
पॉडकास्ट क्लिप वायरल होने के बाद स्वतंत्र हिरासत में
इस मामले में पुलिस ने इससे पहले उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप सामने आने के बाद हुई थी।
बताया गया कि इस क्लिप में स्वतंत्र ने कथित तौर पर छात्रा के पिता पर हमला करने की बात कबूल की थी।
FIR नंबर 62/2026 में दो आरोपी नामजद
पीड़ित की शिकायत पर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में FIR संख्या 62/2026 दर्ज की गई थी। इसमें BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया।
घटना के वक्त पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को नामजद आरोपी बनाया था।
नाबालिग की शिकायत के बाद दर्ज हुई दूसरी FIR
इसके बाद नाबालिग ने शिकायत दी कि उसे सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं। इस शिकायत में भी स्वतंत्र भारद्वाज का नाम शामिल था।
नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग को ऑनलाइन धमकी किसने दी थी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
पुलिस इस मामले में ऑनलाइन धमकियों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ हुई कार्रवाई को गलत बता रहे हैं और गंभीर धाराएं लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं। अब इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).