Delhi Hostel: दिल्ली के सत्य निकेतन में PG हॉस्टल के तौर पर चल रही बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनके बेटे महेश और पत्नी उर्मिला को गिरफ्तार किया है। तीनों को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया। हादसे के बाद करीब 27 घंटे तक चला राहत और बचाव अभियान भी पूरा हो चुका है। इस हादसे में 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें 7 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 5 छात्र शामिल हैं। वहीं, घायलों में 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सत्य निकेतन हादसे में 3 लोग गिरफ्तार
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के मामले में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनके बेटे महेश और पत्नी उर्मिला को गिरफ्तार किया है। तीनों को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया। बताया गया है कि जिस प्रॉपर्टी में हादसा हुआ, वह हरिराम गुप्ता की पत्नी उर्मिला के नाम पर थी, जबकि बिल्डिंग का बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर था। उनका बेटा महेश बिल्डिंग मैनेजमेंट का काम संभालता था।
बेसमेंट में चल रहा था कंस्ट्रक्शन का काम
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि बिल्डिंग के बेसमेंट में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। उनके मुताबिक, इसी काम की वजह से बिल्डिंग गिरी। कंस्ट्रक्शन के काम में मजदूर भी लगे हुए थे। पूछताछ में मजदूरों के बयानों से भी बेसमेंट में काम चलने की बात की पुष्टि हुई है।
27 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान करीब 27 घंटे तक चला। रेस्क्यू ऑपरेशन कल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू हुआ था और आज शाम 5 बजे इसे समाप्त किया गया। रेस्क्यू टीमों ने मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला। इनमें से 7 लोगों की जान चली गई, जबकि 5 लोगों को घायल अवस्था में बचाया गया।
हादसे में 7 लोगों की मौत
सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वालों में सोनभद्र, उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय छात्र अभिषेक, दुर्ग, छत्तीसगढ़ के 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी, औरैया, उत्तर प्रदेश के 17 वर्षीय छात्र पवन, देवास, मध्य प्रदेश के 19 वर्षीय छात्र अर्पित जहाज, कटनी, मध्य प्रदेश के 18 वर्षीय छात्र अक्षत सिंह यादव और 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह शामिल हैं।
एक मृतक की अभी पहचान नहीं हो सकी है। इस तरह हादसे में मरने वालों की कुल संख्या 7 है, जिनमें 5 छात्र बताए गए हैं।
5 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे में घायल हुए लोगों में 30 वर्षीय असगर अली, 19 वर्षीय नीरज बावा, 19 वर्षीय आदित्य कुमार, 19 वर्षीय नितीश चिब और 18 वर्षीय मोहम्मद अयान शामिल हैं। इन घायलों में से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पहले हरिराम गुप्ता की हुई थी गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा। हादसे के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पालम विहार स्थित हरिराम गुप्ता के आवास पर भी छापेमारी की थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला था। इसके बाद पुलिस को आशंका थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपा हुआ है। पुलिस ने उसके करीबियों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी दबिश दी थी।
MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी बड़ी कार्रवाई की है। MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
LG की मीटिंग में उठे कई बड़े मुद्दे
हादसे को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने भी एक बैठक की। बैठक के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि राजधानी दिल्ली में पढ़ाई करने के लिए लाखों बच्चे आते हैं और उनके लिए रेजिडेंशियल फैसिलिटीज का एक बड़ा गैप है।
उन्होंने कहा कि इस गैप को दूर करने के लिए FAR में एडिशनल छूट देने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही जिन इलाकों में कोचिंग इंस्टीट्यूट और PG चलते हैं, वहां की बिल्डिंगों की सभी विभाग मिलकर जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि इस पूरी एक्सरसाइज को एक तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
हॉस्टल और PG को लेकर सरकार बनाएगी व्यवस्था
आशीष सूद ने कहा कि मौजूदा हॉस्टल को फ्री डेवलप करने के लिए FAR में नई बढ़ोतरी के साथ उन्हें उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई है। इसके अलावा PG और इंस्टीट्यूट को रेगुलर करने से जुड़े मुद्दों पर भी सभी विभागों के साथ बातचीत हुई।
उन्होंने कहा कि इन फैसलों को लागू करने का काम दिल्ली सरकार के संबंधित विभाग करेंगे। यानी सरकार का फोकस सिर्फ इस हादसे की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए PG, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों वाली इमारतों की जांच और नियमों को लेकर भी कदम उठाए जाएंगे।
आशीष सूद बोले- अभी दोषारोपण की स्थिति नहीं
आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के लोग घोषित बेरोजगार नेता हैं और वे अट्रैक्शन चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह इस वक्त दोषारोपण की स्थिति में नहीं पड़ना चाहते।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आज कोई यह पूछे कि पिछले 27 साल की जिम्मेदारी किसकी थी, तो इस तरह के सवालों पर राजनीति करने के बजाय फिलहाल जरूरी कदम उठाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
दिल्ली हाईकोर्ट में भी हुई सुनवाई
सत्य निकेतन में PG हॉस्टल के तौर पर चल रही दो इमारतों के गिरने के मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई। हादसे को लेकर दाखिल PIL पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि वह दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और MCD की ओर से पेश होंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
25 तारीख को होगी अगली सुनवाई
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 25 तारीख को होगी। अब कोर्ट की सुनवाई के साथ-साथ पुलिस जांच में भी यह पता लगाया जाएगा कि बिल्डिंग में कंस्ट्रक्शन का काम किन परिस्थितियों में चल रहा था और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
हादसे ने PG और कोचिंग व्यवस्था पर उठाए सवाल
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में PG और हॉस्टल के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली आते हैं और ऐसे इलाकों में PG व हॉस्टल में रहते हैं। सरकार की ओर से अब ऐसी इमारतों की जांच करने और रिहायशी सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए FAR में बदलाव जैसे विकल्पों पर काम करने की बात कही गई है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).