BRICS में रूस ने भारत की अध्यक्षता और उसके दौरान हुए नतीजों की तारीफ की है। रूस के राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि BRICS के साथ रूस का सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि BRICS सदस्य देशों के साथ रूस के करीब 90 फीसदी भुगतान अब नेशनल करेंसी यानी संबंधित देशों की अपनी मुद्रा में हो रहे हैं। पेस्कोव ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका मकसद डीडॉलराइजेशन नहीं, बल्कि भुगतान के तरीकों में ज्यादा विकल्प तैयार करना है।
भारत की BRICS अध्यक्षता की रूस ने की तारीफ
दिमित्री पेस्कोव ने BRICS में भारत की अध्यक्षता और उसके दौरान सामने आए नतीजों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रूस BRICS सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है।
पेस्कोव के मुताबिक, संगठन के सदस्य देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और आर्थिक क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
BRICS देशों के साथ 90 फीसदी भुगतान नेशनल करेंसी में
पेस्कोव ने बताया कि BRICS सदस्य देशों के साथ रूस के 90 फीसदी भुगतान नेशनल करेंसी में हो रहे हैं। यानी इन देशों के बीच होने वाले ज्यादातर भुगतान संबंधित देशों की अपनी-अपनी मुद्राओं में किए जा रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इसे सीधे तौर पर डीडॉलराइजेशन के अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पेस्कोव ने कहा कि इसका उद्देश्य भुगतान के तरीकों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना है।
‘कुछ देश नेशनल करेंसी को विदेश नीति के टूल की तरह इस्तेमाल कर रहे’
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि कुछ देश अपनी नेशनल करेंसी का इस्तेमाल विदेश नीति के एक टूल के तौर पर कर रहे हैं।
ऐसे में रूस का जोर भुगतान व्यवस्था में अधिक विकल्प तैयार करने और अलग-अलग राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने पर है।
BRICS में आर्थिक और मानवीय सहयोग बढ़ाने पर जोर
पेस्कोव ने कहा कि BRICS में सहयोग के तीन प्रमुख क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। इनमें मानवीय सहयोग और आर्थिक सहयोग प्रमुख हैं।
रूस BRICS की सदस्यता के विस्तार के लिए भी प्रतिबद्ध है। यानी आने वाले समय में संगठन में नए देशों को शामिल करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर भी रूस जोर दे रहा है।
सुरक्षा के क्षेत्र में भी BRICS का सहयोग बढ़ रहा
BRICS देशों के बीच सुरक्षा के मोर्चे पर भी सहयोग का मैकेनिज्म विकसित किया जा रहा है। इसमें ड्रग्स और नशीले पदार्थों से निपटने के साथ-साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग शामिल है।
पेस्कोव के मुताबिक, BRICS देशों के बीच अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है। इससे संगठन का सहयोग सिर्फ आर्थिक और व्यापारिक मामलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सुरक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों तक भी विस्तार हो रहा है।
भारत को रूस ने बताया रणनीतिक साझेदार
भारत और रूस के रिश्तों को लेकर दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि भारत रूस का रणनीतिक साझेदार है। दोनों देश अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के साथ भी ज्यादातर भुगतान नेशनल करेंसी में किए जा रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग में राष्ट्रीय मुद्राओं की भूमिका बढ़ने का संकेत मिलता है।
यूक्रेन युद्ध पर रूस ने फिर शांति की बात कही
यूक्रेन युद्ध को लेकर पेस्कोव ने कहा कि रूस इसे रोकने की कोशिश कर रहा है और शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में है।
उन्होंने 2014 की घटनाओं का जिक्र करते हुए अमेरिका, ब्रिटेन और दूसरे यूरोपीय देशों पर रूस को हटाने के लिए तख्तापलट की साजिश का आरोप लगाया।
भारत की शांति कोशिशों का रूस ने किया स्वागत
पेस्कोव ने कहा कि रूस शांति के लिए भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों का स्वागत करता है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से युद्ध खत्म कराने की कोशिशों का भी स्वागत किया।
हालांकि, पेस्कोव ने आरोप लगाया कि कुछ यूरोपीय देश यूक्रेन को रूस की रणनीतिक हार के लिए उकसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस ऐसा होने नहीं देगा।
BRICS में भारत-रूस सहयोग का क्या मतलब?
रूस की ओर से भारत की BRICS अध्यक्षता की तारीफ और दोनों देशों के बीच नेशनल करेंसी में बढ़ते भुगतान का जिक्र ऐसे समय में हुआ है, जब BRICS आर्थिक सहयोग और वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है।
रूस के मुताबिक, BRICS में आर्थिक, मानवीय, सुरक्षा और अंतरिक्ष जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ रहा है। भारत को रणनीतिक साझेदार बताते हुए रूस ने यह भी संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच सहयोग आने वाले समय में भी कई क्षेत्रों में जारी रहेगा।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).