Delhi Hostel Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद नगर निगम (MCD) ने पूरी दिल्ली में इमारतों की जांच के आदेश दिए हैं। MCD ने सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों (बिल्डिंग) को अपने-अपने इलाके की इमारतों का निरीक्षण कर 10 सितंबर तक रिपोर्ट देने को कहा है। इस हादसे के बाद गिरफ्तारियां, अधिकारियों के निलंबन और PG इलाकों की सुरक्षा को लेकर भी कई बड़े कदम उठाए गए हैं। जांच से जुटाई गई जानकारी को दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल होने वाले हलफनामे में भी शामिल किया जाएगा।
सत्य निकेतन हादसे के बाद पूरी दिल्ली में इमारतों की जांच
MCD ने दिल्ली के सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों (बिल्डिंग) को अपने क्षेत्र में इमारतों का निरीक्षण करने का आदेश दिया है। अधिकारियों को जांच पूरी करके 10 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसका मकसद यह पता लगाना है कि दिल्ली में कहीं और भी ऐसी इमारतें तो नहीं हैं, जो जर्जर, खतरनाक या अतिरिक्त निर्माण का भार झेलने में सक्षम नहीं हैं।
हाईकोर्ट में 10 दिन के भीतर दाखिल होगा हलफनामा
इमारतों के निरीक्षण के दौरान जुटाई जाने वाली जानकारी को दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में शामिल किया जाएगा। हाईकोर्ट ने इस मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। जांच रिपोर्ट और अन्य जानकारी अदालत के सामने रखी जाएगी।
इस साल 27.84 लाख इमारतों का सर्वे, सिर्फ 19 खतरनाक मिलीं
MCD के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में दिल्ली में एक सर्वे कराया गया था। इसमें कुल 27 लाख 84 हजार 286 इमारतों का सर्वे किया गया। MCD के अनुसार इनमें से सिर्फ 19 इमारतें खतरनाक पाई गई थीं। अब सत्य निकेतन हादसे के बाद एक बार फिर इमारतों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की जांच पर जोर दिया जा रहा है।
सत्य निकेतन हादसे में 3 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने के मामले में प्रॉपर्टी मालिक उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार प्रॉपर्टी उर्मिला गुप्ता के नाम पर रजिस्टर्ड है, लेकिन इसका प्रबंधन और संचालन उनके पति और बेटे के पास था।
पति-पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
सोमवार रात तीनों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, उनके बेटे महेश गुप्ता को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
PG संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर की भी तलाश
पुलिस अब इस मामले में PG संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर की तलाश भी कर रही है। पुलिस उनकी भूमिका की जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि बिल्डिंग में चल रहे निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था में उनकी क्या जिम्मेदारी थी।
हादसे में 7 लोगों की मौत, 6 घायल
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में कुल 7 लोगों की मौत हुई। मृतकों में अभिषेक कुमार, अर्पित जाज, युवराज सोनी, पवन कुमार, सुरेंद्र सिंह, अक्षत सिंह और परम लाल कोरी शामिल हैं। हादसे में 6 लोग घायल हुए, जिनमें से 3 की हालत गंभीर बताई गई है।
28 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सत्य निकेतन में करीब 28 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन को सोमवार शाम पूरा किया गया। इस दौरान मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया।
MCD ने साउथ जोन के 5 अधिकारियों को किया सस्पेंड
हादसे के बाद MCD ने कार्रवाई करते हुए साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सोमवार को सस्पेंड कर दिया। उनके साथ चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक निलंबित किया गया है। इस तरह MCD के साउथ जोन के कुल 5 अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।
शाश्वत सौरभ को मिला साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार
राकेश कुमार के निलंबन के बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 2016 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ फिलहाल साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर हैं।
सत्य निकेतन में करीब 300 मकान, 170 में चल रहे PG
सत्य निकेतन इलाके की पृष्ठभूमि भी इस हादसे के बाद चर्चा में है। सत्य निकेतन को 1965 से 1970 के बीच झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए बसाया गया था। इसके बाद 1970 के दशक में साउथ कैंपस शुरू हुआ और कॉलेजों की संख्या बढ़ने के साथ यहां छात्रों का आना-जाना और रहना बढ़ गया।
कई मूल आवंटी बेच चुके हैं अपने मकान
समय के साथ सत्य निकेतन के कई मूल आवंटी अपने मकान बेच चुके हैं। मौजूदा समय में इलाके में करीब 300 मकान बताए जाते हैं। इनमें से करीब 170 मकानों में PG चल रहे हैं। यही वजह है कि हादसे के बाद PG व्यवस्था और इन इमारतों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुरानी इमारतों पर अतिरिक्त मंजिलों का भार चिंता का विषय
अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट जगदीश ममगैन के मुताबिक, दिल्ली की कई पुरानी इमारतें ऐसी हैं जिन्हें अतिरिक्त मंजिलों का भार सहने के हिसाब से नहीं बनाया गया था। उनके मुताबिक दिल्ली में करीब 75 लाख घर हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ करीब 1.75 लाख इमारतों के पास स्वीकृत बिल्डिंग लेआउट प्लान हैं।
दिल्ली PG हादसे के बाद 7 बड़े एक्शन
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इनमें अवैध निर्माण पर कार्रवाई से लेकर PG हब की इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट तक के कदम शामिल हैं।
मालिक हरिराम बंसल पर FIR का जिक्र
हादसे के बाद बिल्डिंग के मालिक हरिराम बंसल पर गैर इरादतन हत्या और लापरवाही की धाराओं में FIR दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, ऊपर पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए प्रॉपर्टी मालिक के तौर पर उर्मिला गुप्ता, हरिराम गुप्ता और महेश गुप्ता के नाम बताए गए हैं। इस नाम में अंतर को आधिकारिक रिकॉर्ड से स्पष्ट किया जाना बाकी है।
चार मंजिल से ज्यादा वाले अवैध निर्माण होंगे सील
दिल्ली में चार मंजिल से ज्यादा वाले सभी अवैध निर्माण तत्काल सील करने का फैसला बताया गया है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है, जिसमें बर्खास्तगी तक का प्रावधान बताया गया है।
सत्य निकेतन हादसे की होगी मजिस्ट्रेट जांच
सत्य निकेतन में PG वाली बिल्डिंग गिरने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच भी कराई जाएगी। इस जांच के जरिए हादसे के कारणों, जिम्मेदारियों और संभावित लापरवाही की पड़ताल की जाएगी।
जर्जर और खतरनाक इमारतों पर लगेगा गिराने का नोटिस
प्रशासन की ओर से सभी जर्जर और खतरनाक इमारतों पर उन्हें गिराने का नोटिस लगाने की कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य ऐसी इमारतों से होने वाले संभावित हादसों को रोकना है।
पास की दूसरी बिल्डिंग भी खाली कराई गई
सत्य निकेतन में हादसे वाली इमारत के पास बनी एक दूसरी बिल्डिंग को भी खाली करा लिया गया है। सुरक्षा के लिए वहां सपोर्ट देने वाले पिलर लगाए गए हैं, ताकि किसी संभावित खतरे से बचा जा सके।
PG हब की सभी इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट
दिल्ली के LG ने PG हब की सभी इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट एक हफ्ते के भीतर कराने का आदेश दिया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारतें संरचनात्मक रूप से सुरक्षित हैं या नहीं।
केंद्र, दिल्ली सरकार, पुलिस और MCD से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
सत्य निकेतन हादसे पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और MCD से 10 दिन में जवाब मांगा है। अब MCD द्वारा दिल्लीभर में कराई जा रही इमारतों की जांच की जानकारी भी अदालत में दाखिल होने वाले हलफनामे का हिस्सा बनेगी। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल—क्या दिल्ली की पुरानी इमारतें सुरक्षित हैं?
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में पुरानी इमारतों, अवैध निर्माण और PG के तौर पर इस्तेमाल हो रहे मकानों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब पूरी दिल्ली में होने वाली इमारतों की जांच और PG हब के स्ट्रक्चरल ऑडिट से यह पता चलेगा कि ऐसे कितने भवन हैं, जिनमें रहने वालों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).