3

Recent News

BRICS Summit 2026: चीनी राष्ट्रपति 'शी जिनपिंग' का प्लेन भारत उतरा, मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर..

BRICS Summit 2026: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें BRICS Summit में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं। उनका…

Masjid Demolition: मस्जिद के मलबे से निकलीं रहस्यमयी नंबर लिखी ईंटें, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, कुएं के आसपास बैरिकेडिंग..

Masjid Demolition: सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाए जाने के बाद मलबे से कई ऐसी ईंटें मिली हैं, जिन…

Animal Cruelty: सनकी ने की 6 बिल्लियों और बच्चों की सर कुचलकर हत्या, निशाना बनाकर बर्बरता, रखा 50 हजार का इनाम..

Animal Cruelty: मुंबई के चेंबूर इलाके में लावारिस बिल्लियों के साथ कथित क्रूरता का हैरान करने वाला मामला सामने आया…

Crime News: मणिपुरी म्यूजिशियन की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा; मौत से पहले बेटे को बताई थी पूरी कहानी..

Crime News: दिल्ली के किलोकारी इलाके में मणिपुरी म्यूजिशियन चोंगथाम विक्रम सिंह की मौत के मामले में जांच के दौरान…

UP News: रेलवे ट्रैक पर मिला एयरफोर्स जवान का कटा हुआ शव; लगातार आ रही थीं कॉल, लाश के फिंगरप्रिंट से खुला फोन तो..

UP News: आगरा में रेलवे ट्रैक पर एयरफोर्स के 35 वर्षीय जवान का शव मिलने से हड़कंप मच गया। यात्रियों…

3

Recent News

BRICS Summit 2026: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें BRICS Summit में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं। उनका…

Masjid Demolition: सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाए जाने के बाद मलबे से कई ऐसी ईंटें मिली हैं, जिन…

Animal Cruelty: मुंबई के चेंबूर इलाके में लावारिस बिल्लियों के साथ कथित क्रूरता का हैरान करने वाला मामला सामने आया…

Crime News: दिल्ली के किलोकारी इलाके में मणिपुरी म्यूजिशियन चोंगथाम विक्रम सिंह की मौत के मामले में जांच के दौरान…

UP News: आगरा में रेलवे ट्रैक पर एयरफोर्स के 35 वर्षीय जवान का शव मिलने से हड़कंप मच गया। यात्रियों…

Breaking News

राज-उद्धव की जोड़ी फिर एक मंच पर, गूंज उठा मराठी स्वाभिमान

ठाकरे परिवार की 20 साल बाद ऐतिहासिक एकता: ‘मराठी अस्मिता’ की हुंकार, राज और उद्धव साथ आए मंच पर

राज-उद्धव की जोड़ी फिर एक मंच पर, मराठी स्वाभिमान की हुंकार बनी ऐतिहासिक रैली

महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को वह दृश्य देखने को मिला, जिसकी लोगों ने उम्मीद तक छोड़ दी थी। करीब दो दशकों बाद, एक ही मंच पर ठाकरे परिवार के दो चचेरे भाइयों—राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे—ने एक साथ उपस्थिति दर्ज कराई। मौका था ‘आवाज मराठीचा’ नामक महारैली का, जो मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में आयोजित हुई थी।

राज-उद्धव की जोड़ी फिर एक मंच पर, तीन भाषा नीति का यू-टर्न बना रैली का केंद्र

हाल ही में महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्कूलों में हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाने का प्रस्ताव आया था, जिसे राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मराठी अस्मिता पर हमला करार दिया। जन आक्रोश और विपक्षी दलों के दबाव के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वह प्रस्ताव वापस ले लिया और एक समीक्षा समिति गठित कर दी।

इस फैसले को मराठी स्वाभिमान की जीत और जनजागरण का परिणाम मानते हुए ही यह महारैली आयोजित की गई, जिसमें हजारों की भीड़ मौजूद रही।

मजार जिहाद: गाजियाबाद में मेयर का एक्शन-मची खलबली

 “जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो फडणवीस ने कर दिखाया”

रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा—

“मैंने हमेशा कहा है कि मेरा महाराष्ट्र किसी भी राजनीति और लड़ाई से बड़ा है। आज 20 साल बाद मैं और उद्धव एक मंच पर हैं। जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो फडणवीस ने कर दिखाया—हम दोनों को साथ लाने का काम।”

उन्होंने साफ तौर पर यह चेतावनी भी दी कि—

“अगर किसी ने मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कोशिश की, तो मराठी माणूस का असली बल देखेगा।”

उद्धव ठाकरे बोले—यह भाषाई आपातकाल था

उद्धव ठाकरे ने मंच से भावनात्मक शब्दों में कहा—

“हम यहां कोई राजनीतिक भाषण देने नहीं आए। यह एकता का उत्सव है। यह केवल हिंदी विरोध नहीं, यह हमारी मातृभाषा मराठी की रक्षा है। सरकार ने भाषा के नाम पर जो आदेश निकाला था, वह एक प्रकार का भाषाई आपातकाल था।”

 मंच से उठी मराठी संस्कृति की आवाज़

रैली का माहौल किसी सांस्कृतिक आयोजन जैसा था, जिसमें मराठी लोकगीत, ढोल-ताशा, और मराठी फिल्मों के गीत गूंजते रहे। एक पल ऐसा भी आया जब ‘ठाकरे’ फ़िल्म के गीत के साथ दोनों नेताओं की मंच पर एंट्री हुई, जिससे बाळासाहेब ठाकरे की यादें ताजा हो गईं।

राज-उद्धव की जोड़ी फिर एक मंच पर, राजनीतिक समीकरणों में बड़ा मोड़

यह मंच न सिर्फ मराठी गौरव का प्रतीक बना, बल्कि यह संकेत भी दे गया कि आने वाले समय में महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल सकते हैं। राज और उद्धव की यह नज़दीकी महज भाषाई मुद्दे तक सीमित न रहकर चुनावी गठबंधन की जमीन भी तैयार कर सकती है।

मेयर सुनीता दयाल का संदर्भ: अस्मिता की रक्षा केवल भाषाई नहीं

गाजियाबाद की महापौर सुनीता दयाल द्वारा अवैध मजारों पर की गई कार्रवाई का उदाहरण भी महाराष्ट्र की रैली में अप्रत्यक्ष रूप से झलका—यह बताने के लिए कि जब नेतृत्व दृढ़ इच्छाशक्ति से जनता की भावना को समझता है, तो चाहे धार्मिक अतिक्रमण हो या भाषाई जुल्म—हर मोर्चे पर जनता की जीत संभव है।

 यह केवल मंच नहीं, मराठी अस्मिता की ‘पुनर्जन्म’ है

‘आवाज मराठीचा’ रैली महाराष्ट्र के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है—जहाँ निजी विवादों से ऊपर उठकर दो प्रमुख नेता जनता के हक की बात करने मंच पर आए। यह नज़ारा मराठी जनमानस के आत्मसम्मान की पुष्टि है, और आने वाले चुनावों में इसका प्रभाव निश्चित ही व्यापक होगा।

पेड़ की डाल पर दर्दनाक मंजर, मादा तेंदुआ की मौत