3

Recent News

Commonwealth Games 2026: गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, 10,000 मीटर में भारत को दिलाया पहला मेडल..

Commonwealth Games 2026: भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। उत्तर प्रदेश…

Rahul Gandhi ने संसद में मचा दिया बवाल; 'IDIOT' बोलते ही भड़की BJP! रिजिजू बोले- माफी मांगो, पेपर लीक BILL पर हंगामा..

Rahul Gandhi: देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की…

Pilibhit में होश उड़ाने वाला मामला! जिसकी नहर में ढूंढते रहे लाश, वो दूसरे शहर में कर रहा था नौकरी.. पुलिस के साथ खेला खेल!

Pilibhit: कभी-कभी हकीकत किसी फिल्मी कहानी से भी ज्यादा हैरान करने वाली होती है। पीलीभीत में भी कुछ ऐसा ही…

Plastic Currency: भारत में आएंगे प्लास्टिक के नोट! ₹10 और ₹20 की करेंसी का बदलेगा रूप, RBI करेगा बड़ा ट्रायल..

Plastic Currency: भारतीय करेंसी जल्द ही एक नए बदलाव से गुजर सकती है। बाजार में पहली बार प्लास्टिक यानी पॉलीमर…

Shocking Crime: पडोसी के घर मिला ज्वेलर व्यापारी के 10 वर्षीय पोते का शव, CCTV ने खोला चौंकाने वाला राज..

Shocking Crime: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। सोमवार…

3

Recent News

Commonwealth Games 2026: भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। उत्तर प्रदेश…

Rahul Gandhi: देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की…

Pilibhit: कभी-कभी हकीकत किसी फिल्मी कहानी से भी ज्यादा हैरान करने वाली होती है। पीलीभीत में भी कुछ ऐसा ही…

Plastic Currency: भारतीय करेंसी जल्द ही एक नए बदलाव से गुजर सकती है। बाजार में पहली बार प्लास्टिक यानी पॉलीमर…

Shocking Crime: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। सोमवार…

Breaking News

Pilibhit: बाघों की धरती पर लापरवाही का साया, इंसानों की गलती ने प्रकृति का दिल तोड़ दिया

पीलीभीत: बाघों के लिए मशहूर, लेकिन वन विभाग की लापरवाही ने किया सबको हैरान

Pilibhit:  प्राकृतिक धरोहर के बीच सवालों का साया

उत्तर प्रदेश का पीलीभीत जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और बाघों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाता है। यहां का टाइगर रिजर्व दुनिया भर में मशहूर है और बाघों के लिए यह इलाका एक सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। लेकिन हाल के दिनों में कुछ घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारी पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

Pilibhit:  थाने में बंधा लंगूर, वायरल हुआ वीडियो

ताज़ा मामला बिलसंडा थाना क्षेत्र से सामने आया, जहां थाने के भीतर एक लंगूर को रस्सी से बांधकर रखा गया। दावा किया गया कि यह लंगूर बंदरों को आबादी से भगाने के लिए वहां रखा गया था। हैरानी की बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद भी वन विभाग ने न तो मौके का मुआयना किया और न ही किसी तरह की औपचारिक कार्रवाई की। बताया जाता है कि आंतरिक स्तर पर अधिकारियों ने सिर्फ मौखिक रूप से लंगूर को छोड़ने का निर्देश दिया और मामला वहीं दबा दिया गया।

पहले भी हुई है गंभीर चूक: तेंदुए की मौत का मामला

बीते दिनों पीलीभीत में एक मादा तेंदुआ कार की टक्कर से मारी गई थी। इस मामले में गाड़ी और आरोपी दोनों की पहचान होने के बावजूद वन विभाग अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर सका। आरोपी ने विभागीय लापरवाही का फायदा उठाकर अदालत से राहत पा ली और आज भी खुलेआम घूम रहा है। इस घटना ने साबित कर दिया कि संरक्षण कानून सिर्फ कागजों में सख्त हैं, लेकिन जमीन पर उनकी लागू करने की रफ्तार बेहद धीमी है।

Pilibhit:  भारत में वन्यजीव संरक्षण की अहमियत

भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम को बेहद गंभीरता से लिया जाता है और यही वजह है कि दुनिया के कुल बाघों का 60% से अधिक भारत में सुरक्षित रूप से रह रहा है। लेकिन जब जिम्मेदार अधिकारी नियमों को नजरअंदाज करते हैं, तो यह कानून सिर्फ एक औपचारिक दस्तावेज बनकर रह जाते हैं। लंगूर और तेंदुए जैसे मामले इस बात का सबूत हैं कि केवल बाघों पर ध्यान केंद्रित करना बाकी वन्यजीवों के साथ नाइंसाफी है।

Pilibhit:  वायरल वीडियो के बाद भी चुप्पी

लंगूर को बांधने वाला वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ी। सवाल यह है कि क्या वन विभाग के संरक्षण का दायरा सिर्फ टाइगर रिजर्व तक सीमित है? या फिर छोटे-बड़े सभी जीवों के लिए समान रूप से काम करने की जिम्मेदारी है? विभाग की चुप्पी और कार्रवाई से बचने का रवैया पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों पर संदेह पैदा करता है।

Pilibhit:  जवाबदेही तय करना जरूरी

पीलीभीत की प्राकृतिक धरोहर को बचाने के लिए केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि त्वरित और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। वन विभाग को ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने के ठोस उपाय करने होंगे। तभी संरक्षण के असली मायने पूरे हो पाएंगे और पीलीभीत अपनी सही पहचान को बनाए रख सकेगा।

पीलीभीत: पेड़ पर उल्टा लटका मिला मृत बानर, डीएफओ की चुप्‍पी से उठे सवाल, क्‍या फैल रही है कोई रहस्‍यमयी बीमारी?