UP News: Meerut के हस्तिनापुर क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। मखदुमपुर गंगा घाट पर अंतिम संस्कार में शामिल होने आए चार युवक गंगा नदी में डूब गए। घटना के बाद से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, थाना लावड़ क्षेत्र के जलालपुर गांव के लोग अंतिम संस्कार के लिए मखदुमपुर गंगा घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ युवक गंगा में स्नान करने लगे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और मौके पर हड़कंप मच गया।
पांच युवक उतरे थे, एक की बची जान
ग्रामीणों के अनुसार, कुल पांच युवक गंगा में उतरे थे। इनमें से एक युवक को किसी तरह बाहर निकाल लिया गया, लेकिन बाकी चार युवक गहरे पानी में लापता हो गए। यह सब कुछ इतने कम समय में हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
परिजनों में मचा कोहराम
हादसे की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। अपने बच्चों के लापता होने की खबर सुनकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घाट पर इकट्ठा हो गए और माहौल बेहद गमगीन हो गया।
रेस्क्यू में देरी से नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के काफी समय बाद तक कोई विशेष रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। परिजनों ने प्रशासन से गोताखोरों और फ्लड टीम को जल्द बुलाने की मांग की है, ताकि युवकों की तलाश तेज की जा सके।
प्रशासन मौके पर, सर्च ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम संतोष कुमार, तहसीलदार निरंकार सिंह और सीओ पंकज लवानिया ने स्थिति का जायजा लिया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन देर शाम तक चारों युवकों का कोई पता नहीं चल सका।
लापता युवकों की पहचान
गंगा में डूबे युवकों की पहचान अभिषेक, हिमांशु (17), दीपांशु (15) और प्रियांशु (17) के रूप में हुई है। सभी जलालपुर गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस हादसे में दो परिवारों के दो-दो बेटे लापता हैं।
एक पल की लापरवाही, जिंदगी भर का दर्द
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि नदियों में स्नान करते समय जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन परिवारों के लिए हर गुजरता पल भारी पड़ रहा है।