Love Jihad: महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS के एक BPO ऑफिस से जुड़ा लव जिहाद और धर्मांतरण का मामला इन दिनों चर्चा में है। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखने वाले इस ऑफिस के अंदर ऐसी घटनाएं चल रही थीं, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। करीब एक महीने तक पुलिसकर्मी हाउसकीपिंग स्टाफ बनकर अंदर जांच करते रहे और जब सच्चाई सामने आई, तो 9 FIR दर्ज हुईं और कई गिरफ्तारियां भी हुईं।
हाउसकीपिंग स्टाफ बनकर पहुंची पुलिस
इस मामले की शुरुआत फरवरी में एक युवती के परिवार की शिकायत से हुई। परिवार ने बताया कि लड़की के व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया है।
इसके बाद पुलिस को शक हुआ और उन्होंने एक गुप्त ऑपरेशन शुरू किया। पुलिसकर्मी हाउसकीपिंग स्टाफ बनकर BPO यूनिट में पहुंचे और रोजमर्रा की गतिविधियों पर नजर रखने लगे।
HR मैनेजर निदा खान पर क्यों उठे सवाल?
जांच के दौरान सामने आया कि ऑफिस में काम करने वाली कई महिलाएं लंबे समय से परेशान थीं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यहां HR मैनेजर निदा खान की भूमिका पर सवाल उठे। आरोप है कि उन्होंने शिकायतों को नजरअंदाज किया और कुछ मामलों में महिलाओं को चुप रहने के लिए भी कहा।
एक के बाद एक सामने आए गंभीर आरोप
मार्च में पहली FIR दर्ज हुई, जिसमें दानिश शेख पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगा।
इसके बाद 26 मार्च से 3 अप्रैल के बीच कुल 9 FIR दर्ज की गईं।
इनमें शामिल हैं:
- दुष्कर्म
- यौन उत्पीड़न
- पीछा करना (Stalking)
- धार्मिक दबाव
महिलाओं का आरोप है कि विरोध करने पर उन पर काम का दबाव बढ़ाया जाता था।
78 ईमेल, चैट और कॉल डिटेल्स से खुला मामला
जांच के दौरान पुलिस को 78 ईमेल, चैट रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स मिलीं।
इनसे पता चला कि शिकायतों की जानकारी HR निदा खान तक पहुंच रही थी।
निदा खान की कॉल डिटेल्स में आरोपियों से कई बार बातचीत भी सामने आई है।
बैंक खातों की भी जांच जारी
पुलिस अब निदा खान के बैंक खातों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं लव जिहाद और धर्मांतरण कराने के लिए संदिग्ध लेन-देन तो नहीं हुआ।
SIT का मानना है कि यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी विफलता भी हो सकता है।
7 गिरफ्तार, HR मैनेजर भी शामिल
अब तक इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें HR मैनेजर निदा खान भी शामिल हैं।
पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि क्या यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है।
TCS का बयान: Zero Tolerance Policy
TCS ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए सभी आरोपित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। कंपनी का कहना है कि वह इस तरह के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाती है।
बचाव पक्ष का दावा
वहीं, बचाव पक्ष का कहना है कि आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और सामान्य बातचीत को गलत तरीके से अपराध बताया जा रहा है।
आगे क्या? जांच अभी जारी
नासिक BPO केस अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है।
SIT यह पता लगाने में जुटी है कि क्या शिकायतों को जानबूझकर दबाया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
फिलहाल इस पूरे मामले में HR मैनेजर निदा खान की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).