Gold Smuggling: विदेश से सोने की तस्करी के लिए तस्कर आए दिन नए-नए तरीके अपनाते हैं, लेकिन अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पकड़ा गया ताजा मामला बेहद चौंकाने वाला है। इस बार तस्करों ने सोना किसी बैग, मशीन या शरीर में छिपाने के बजाय अपने साथ यात्रा कर रहे यात्रियों की जेबों में बांट दिया। हालांकि, कस्टम्स विभाग की सतर्कता के चलते पूरा प्लान एयरपोर्ट पर ही नाकाम हो गया। अधिकारियों ने करीब 770.33 ग्राम 24 कैरेट सोना, जिसकी कीमत 1.13 करोड़ रुपये से अधिक है, जब्त कर लिया और टूर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया।
अबू धाबी से अहमदाबाद पहुंची फ्लाइट पर थी कस्टम्स की नजर
पूरा मामला सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अहमदाबाद का है। कस्टम्स विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) को पहले से सूचना मिली थी कि अबू धाबी से आने वाली एक फ्लाइट के जरिए सोने की तस्करी की जाएगी।
सूचना के आधार पर अधिकारियों ने 21 जुलाई को फ्लाइट 3L111 से अहमदाबाद पहुंचे एक टूर ऑपरेटर और उसके साथ यात्रा कर रहे यात्रियों को उतरते ही रोक लिया और उनकी जांच शुरू की।
बैग नहीं, यात्रियों की जेबों से निकला करोड़ों का सोना
जब कस्टम्स अधिकारियों ने तलाशी ली तो मामला बेहद अलग निकला। किसी के बैग या सामान से सोना नहीं मिला, बल्कि अलग-अलग यात्रियों की जेबों से 24 कैरेट की सोने की चेन, पेंडेंट और गोल्ड बीड्स (मनके) बरामद होने लगे।
पूरी जांच के बाद कुल 770.33 ग्राम सोना बरामद हुआ, जिसकी बाजार कीमत करीब 1.13 करोड़ रुपये आंकी गई।
टूर ऑपरेटर ने यात्रियों को ही बना दिया ‘कैरियर’
जांच में सामने आया कि कथित तौर पर पूरे ऑपरेशन का मास्टरमाइंड एक टूर ऑपरेटर था।
आरोप है कि उसने अपने साथ यात्रा कर रहे क्लाइंट्स को ही तस्करी का माध्यम बना दिया। उसने सोने को कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग यात्रियों की जेबों में रखवा दिया ताकि किसी एक व्यक्ति के पास ज्यादा मात्रा में सोना न मिले और जांच एजेंसियों को शक न हो।
यानी इस बार तस्करों ने इंसानों को ही ‘चलता-फिरता लॉकर’ बनाने की कोशिश की।
मेहसाणा के रहने वाले हैं सभी आरोपी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस मामले में शामिल सभी लोग गुजरात के मेहसाणा जिले के रहने वाले हैं।
सूत्रों के अनुसार शुरुआती पूछताछ में यह भी पता चला है कि इस तरीके से सोने की तस्करी करने की उनकी यह पहली कोशिश थी, लेकिन एयरपोर्ट पर ही पूरी साजिश पकड़ ली गई।
टूर ऑपरेटर गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क की तलाश जारी
कस्टम्स विभाग ने जब्त किए गए सोने को अपने कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया है।
टूर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि:
- अबू धाबी में सोना किसने सौंपा?
- भारत में यह सोना किसे पहुंचाया जाना था?
- क्या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय गोल्ड स्मगलिंग नेटवर्क सक्रिय है?
इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
गोल्ड स्मगलिंग के तरीके लगातार बदल रहे हैं
पिछले कुछ वर्षों में सोने की तस्करी के तरीके लगातार बदलते रहे हैं।
तस्कर कभी सोने को पेस्ट बनाकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों या मशीनों में छिपाते हैं, कभी कपड़ों में सिल देते हैं और कई मामलों में शरीर के अंदर छिपाकर भी तस्करी की जाती है।
लेकिन अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सामने आया यह मामला इसलिए अलग माना जा रहा है क्योंकि इसमें सोने को कई यात्रियों की जेबों में बांटकर जांच एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश की गई।
कस्टम्स की सतर्कता से नाकाम हुई करोड़ों की तस्करी
कस्टम्स विभाग की समय पर मिली खुफिया सूचना और एयर इंटेलिजेंस यूनिट की सतर्क कार्रवाई के चलते करोड़ों रुपये की इस तस्करी को सफल होने से पहले ही रोक दिया गया।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और क्या पहले भी इसी तरह से सोने की तस्करी की जा चुकी है।