पीलीभीत को मिला कृषि विकास का नया विजन: हाईटेक नर्सरी, एक्सपोर्ट सेंटर और आधुनिक मंडियों से किसानों की बदलेगी तस्वीर
27 परियोजनाओं का लोकार्पण, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने दिया स्पष्ट संदेश—‘मंडी की कोई सड़क बदहाल नहीं रहेगी, किसान होगा समृद्ध’
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश सरकार ने पीलीभीत को आधुनिक कृषि, बागवानी और कृषि निर्यात का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। शुक्रवार को प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने जनपद का दौरा कर किसानों के हित में संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने उद्यान विभाग की हाईटेक नर्सरी और मंडी विकास कार्यों सहित कुल 27 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण कर जिले को विकास की नई सौगात दी।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल किसानों की आय बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार, मजबूत बुनियादी ढांचा और वैश्विक व्यापार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
मंडी व्यवस्था होगी हाईटेक, कोई सड़क नहीं रहेगी बदहाल
गांधी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने मंडी समिति के अधिकारियों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मंडियों को साफ-सुथरा, व्यवस्थित और आधुनिक बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि मंडी परिसर में निराश्रित गौवंश किसी भी स्थिति में नहीं दिखाई देना चाहिए। जहां मरम्मत की आवश्यकता है वहां तत्काल कार्य शुरू किया जाए तथा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सभी प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने दो टूक कहा—
“मंडी समिति की कोई भी सड़क बदहाल नहीं रहनी चाहिए। किसानों को बेहतर सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता है।”
उन्होंने मंडियों से निकलने वाले जैविक कचरे से पीपीपी मॉडल के माध्यम से खाद तैयार करने की दिशा में भी प्रभावी कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
पीलीभीत बनेगा कृषि निर्यात का नया हब
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भविष्य की बड़ी योजना का संकेत देते हुए कहा कि पीलीभीत की पहचान अब केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिले के कृषि उत्पाद दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रदेश के कृषि उत्पादों के निर्यात में अहम भूमिका निभाएगा। सरकार पीलीभीत में एक्सपोर्ट प्रमोशन सेंटर स्थापित करने का प्रयास कर रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। मसाले, फूल, औषधीय पौधे, ड्रेगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
हाईटेक नर्सरी से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उद्यान विभाग की आधुनिक हाईटेक नर्सरी रही। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अब किसान वर्ष के किसी भी मौसम में अपना बीज देकर गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करवा सकेंगे।
यह सुविधा किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी क्योंकि अब उन्हें मौसम की बाधाओं के कारण पौध तैयार करने में होने वाली कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। नियंत्रित वातावरण में तैयार पौध अधिक स्वस्थ, मजबूत और उत्पादन क्षमता वाली होगी।
ड्रेगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और मशरूम पर विशेष फोकस
सरकार किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक एवं लाभकारी उद्यानिकी फसलों की ओर भी प्रेरित कर रही है।
कार्यक्रम में बताया गया कि—
- ड्रेगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती पर विभाग द्वारा अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
- किसानों को निःशुल्क शाकभाजी बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, उद्यान रोपण तथा मशीनीकरण योजनाओं पर भी वित्तीय सहायता दी जा रही है।
- गुणवत्तापूर्ण पौध उपलब्ध कराकर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों ने बताया कि मशरूम उत्पादन कम लागत में घर पर ही शुरू किया जा सकता है और इससे लाखों रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित करने की संभावना है।
हर घर तक पहुंचेगी आधुनिक खेती की सोच
मंत्री ने केवल किसानों ही नहीं बल्कि शहरों में रहने वाले लोगों को भी खेती से जुड़ने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों की छत और बालकनी में भी सब्जियों की खेती कर सकते हैं तथा उद्यान विभाग उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।
साथ ही उन्होंने ड्रिप सिंचाई, पॉलीहाउस जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी देते हुए इन पर सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान का लाभ उठाने की अपील की।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने किसानों को किया जागरूक
जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने किसानों को आधुनिक बागवानी, वैज्ञानिक खेती और उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और आय बढ़ाने वाली फसलों को अपनाने का आग्रह किया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर, उप निदेशक उद्यान धर्मपाल यादव, जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह सहित बरेली मंडल एवं आसपास के जिलों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सरकार का स्पष्ट संदेश—’आधुनिक खेती ही समृद्ध किसान की पहचान’
पीलीभीत में आयोजित यह कार्यक्रम केवल परियोजनाओं के लोकार्पण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार, कृषि निर्यात, हाईटेक नर्सरी, वैज्ञानिक खेती और वैल्यू एडिशन से जोड़ने की सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का भी मजबूत संकेत बनकर सामने आया। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो आने वाले वर्षों में पीलीभीत न केवल प्रदेश बल्कि देश के अग्रणी उद्यानिकी और कृषि निर्यात जिलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
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