Kannauj News : एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर मांग हुई पूरी‚ उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने जताई खुशी
(गुगरापुर से संतोष तिवारी के साथ सुमित मिश्रा की रिपोर्ट)
कन्नौज में गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन पर उत्सर्ग के ठहराव की मांग पूरी होने से लोगों ने खुशी जताई है। जिसको लेकर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश जनपद कन्नौज के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष परशुराम देवल एवं पूर्व शासकीय सभासद हृदय राम वर्मा के नेतृत्व में उत्सर्ग एक्सप्रेस (15084) जो फर्रुखाबाद से चलकर 3:20 पर गुरसहायगंज स्टेशन पर पहुंचने पर लोको पायलट आर के वर्मा, एवं निशांत मीणा का फूल माला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किया।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष परशुराम देवल ने बताया कि 7 सितंबर को गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन पर राज शर्मा सदस्य जेडआरयूसीसी गोरखपुर के द्वारा गुरसहायगंज स्टेशन पर यात्रियों से संबंधित सुविधाओं के संदर्भ में निरीक्षण किया गया था । राज शर्मा के निरीक्षण के दौरान हम लोगों के द्वारा एक ज्ञापन देकर उत्सर्ग एक्सप्रेस एवं कामाख्या जयपुर का स्टॉपेज करने के लिए एवं अन्य मांगे की गई थी। राज शर्मा के द्वारा कामाख्या जयपुर, एवं उत्सर्ग एक्सप्रेस का स्टॉपेज करने के लिए रेलवे बोर्ड और गोरखपुर के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया था। जेड आर यू सी सी सदस्य राज शर्मा के द्वारा कामाख्या एवं उत्सर्ग एक्सप्रेस का ट्रायल स्टॉपेज कराने में अहम भूमिका रही।
उत्सर्ग एवं कामाख्या एक्सप्रेस का स्टॉपेज के लिए जेड आर यू सी सी सदस्य राज शर्मा ने हम लोगों को पहले ही अवगत करवा दिया था । क्योंकि उत्सर्ग एक्सप्रेस का अभी तक संचालन लखनऊ से छपरा के मध्य ही हो रहा था । इस वजह से उत्सर्ग एक्सप्रेस का संचालन लखनऊ से फर्रुखाबाद के मध्य कुछ दिनों के लिए निरस्त किया गया था। आज पुनः छपरा उत्सर्ग एक्सप्रेस का संचालन और गुरसहायगंज में इस गाड़ी का स्टॉपेज होने पर खुशी जताई । इस मौके पर धर्मेंद्र शुक्ला, गुड्डू, सिद्धार्थ कौशल, डॉ दिनेश , अशोक चक्र, जगदीश बाथम, शाहनवाज आलम एवं संजीव गुप्ता एवं अन्य लोग मौजूद है।
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
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