Video: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला, जब ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर सदन के अंदर नारेबाजी शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि बीजेपी और कांग्रेस विधायकों के बीच धक्का-मुक्की तक हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
खामेनेई को लेकर सदन में प्रदर्शन
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर और पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे। उन्होंने खामेनेई के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। इससे सदन का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और विपक्ष व सत्ता पक्ष के बीच बहस शुरू हो गई।
BJP और कांग्रेस विधायकों में टकराव
हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके जवाब में बीजेपी विधायक युद्धवीर सेठी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए उन्हें “पप्पू” कहा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि मामला धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और विपक्षी दल भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक हुई. NC विधायकों ने अयातुल्लाह अली खामेनेई को लेकर पोस्टर और नारेबाजी करते हुए US-इजरायल के खिलाफ विरोध जताया, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया.… pic.twitter.com/VQN5pHLwYd
— Matrize News Communications Pvt. Ltd (@Matrize_NC) March 27, 2026
CM उमर अब्दुल्ला का बयान
इस पूरे विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान पर यह युद्ध थोपा गया है और यह मानवता के खिलाफ है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई।
नेशनल कॉन्फ्रेंस का खुला समर्थन
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने साफ कहा कि उनकी पार्टी ईरान के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से खामेनेई को मारा गया, वह गलत है और किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी मांग की कि भारत की शीर्ष नेतृत्व को इस घटना की निंदा करनी चाहिए।
कश्मीर में ₹18 करोड़ का चंदा जुटा
इस पूरे मामले के बीच एक और बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में करीब ₹18 करोड़ का चंदा जुटाया गया है। इसमें से लगभग 85% राशि शिया समुदाय की ओर से दी गई है। बड़गाम जैसे इलाकों से ही करीब ₹9.5 करोड़ इकट्ठा किए गए हैं। यह चंदा जकात और सदका के जरिए लिया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट
इतनी बड़ी रकम जुटने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। उन्हें आशंका है कि इस फंड का इस्तेमाल गलत गतिविधियों या आतंकी फंडिंग में हो सकता है। फिलहाल एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और फंड के स्रोत और उपयोग पर नजर रखी जा रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).