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UP Weather: यूपी में मानसून की चाल सुस्त! 37 जिलों में सूखे जैसे हालात – 60 से 99 प्रतिशत तक कम बारिश..

UP Weather: यूपी में मानसून की चाल सुस्त! 37 जिलों में सूखे जैसे हालात - 60 से 99 प्रतिशत तक कम बारिश..

UP Weather: उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 75 में से 54 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 37 जिलों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। कम वर्षा का सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में देखने को मिल रहा है।

मानसून ने तय समय पर नहीं दी दस्तक

आमतौर पर उत्तर प्रदेश में मानसून 18 से 20 जून के बीच सक्रिय हो जाता है, लेकिन इस बार 23 जून तक भी मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो सका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी बड़ी वजह अलनीनो का प्रभाव है, जिसका असर जून महीने की बारिश पर साफ दिख रहा है।

37 जिलों में 60 से 99 प्रतिशत तक कम बारिश

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 1 से 23 जून के बीच प्रदेश के 37 जिलों में सामान्य से 60 से 99 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा 17 जिलों में 20 से 59 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। कुल मिलाकर 54 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे हालात सूखे जैसे बन गए हैं।

कई जिलों में सामान्य से बेहतर बारिश भी दर्ज

हालांकि मौसम के इस असंतुलन के बीच कुछ जिलों में अच्छी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। आगरा, एटा, हाथरस और संभल में सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा दर्ज हुई है। वहीं कन्नौज, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, मथुरा और मुजफ्फरनगर में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

कौशांबी बना सबसे सूखा जिला

जून महीने में कौशांबी प्रदेश का सबसे सूखा जिला रहा, जहां एक बूंद भी बारिश दर्ज नहीं की गई। यहां सामान्य वर्षा के मुकाबले 100 प्रतिशत की कमी रिकॉर्ड की गई है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

पूर्वांचल और अवध सबसे ज्यादा प्रभावित

कम बारिश का सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में देखा गया है। अत्यधिक कमी वाले जिलों में अंबेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, भदोही, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, गोंडा, जौनपुर, कानपुर देहात, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, लखनऊ, मऊ, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, संतकबीरनगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, उन्नाव, वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हमीरपुर, जालौन, झांसी, महोबा, पीलीभीत और शामली शामिल हैं।

कई जिलों में मध्यम स्तर की कमी दर्ज

वहीं गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, रायबरेली, सीतापुर, सुल्तानपुर, अलीगढ़, अमरोहा, औरैया, बरेली, बिजनौर, कासगंज, ललितपुर, मैनपुरी, रामपुर, सहारनपुर और शाहजहांपुर में 20 से 59 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगर बारिश की स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो खरीफ फसलों पर गंभीर असर पड़ सकता है।