Aamir Khan Third Marriage: आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने पहली बार अपने उस बयान पर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने आमिर खान को ‘लव जिहाद का ब्रांड एम्बेसडर’ कहा था। राणे ने साफ किया कि उन्होंने यह टिप्पणी अपने व्यक्तिगत अनुभवों और कुछ परिवारों से हुई मुलाकातों के आधार पर की थी। दूसरी ओर, आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक धार्मिक फतवा भी जारी किया गया है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
नितेश राणे बोले- बयान पर आज भी कायम हूं
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अपने बयान पर आज भी कायम हैं। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने आमिर खान को ‘लव जिहाद का ब्रांड एम्बेसडर’ क्यों कहा था, तो उन्होंने कहा कि एक हिंदू कार्यकर्ता के तौर पर वह ऐसे कई परिवारों और लड़कियों से मिले हैं, जो उनके मुताबिक कथित तौर पर ‘लव जिहाद’ का शिकार हुई हैं।
‘परिवारों ने आमिर खान का उदाहरण दिए जाने की बात कही’
नितेश राणे ने बताया कि जिन परिवारों से उनकी मुलाकात हुई, उनका कहना था कि उनकी बेटियों को फंसाने वाले लोग अक्सर आमिर खान जैसे बड़े फिल्मी सितारों का उदाहरण देते थे। उनके मुताबिक लड़कियों से कहा जाता था कि “देखो, ये लोग कैसे अपनी जिंदगी जी रहे हैं, तुम भी इसी रास्ते पर चलो।”
राणे ने कहा कि इन्हीं अनुभवों के आधार पर उन्होंने आमिर खान को ‘लव जिहाद का ब्रांड एम्बेसडर’ कहा था।
‘सेलिब्रिटी को अपनी छवि की जिम्मेदारी समझनी चाहिए’
फ्री प्रेस जर्नल से बातचीत में नितेश राणे ने कहा कि जब कोई व्यक्ति करोड़ों लोगों का पसंदीदा स्टार बन जाता है, तो उसे अपनी निजी जिंदगी और सार्वजनिक छवि दोनों में जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि पर्दे पर निभाया गया किरदार और असल जिंदगी का इंसान अलग हो सकता है। इसलिए किसी भी सेलिब्रिटी को आंख बंद करके फॉलो करने से पहले सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए।
आमिर खान ने 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट से की तीसरी शादी
आमिर खान ने अपने 60वें जन्मदिन पर पहली बार गौरी स्प्रैट को अपनी गर्लफ्रेंड के रूप में मीडिया से मिलवाया था। उस समय उन्होंने कहा था कि वह शादी को लेकर पूरी तरह निश्चित नहीं हैं।
हालांकि, 5 जुलाई 2026 को आमिर खान ने मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर पर गौरी स्प्रैट से रजिस्टर्ड मैरिज कर ली। यह आमिर खान की तीसरी शादी है। इससे पहले वह रीना दत्ता और किरण राव से शादी कर चुके हैं।
तीसरी शादी के बाद जारी हुआ फतवा
आमिर खान की तीसरी शादी के बाद उत्तर प्रदेश के मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने एक धार्मिक राय (फतवा) जारी की।
मुफ्ती ने कहा कि शरीयत के अनुसार कोई मुस्लिम पुरुष ऐसी गैर-मुस्लिम महिला से निकाह नहीं कर सकता, जिसने इस्लाम स्वीकार न किया हो। उन्होंने इसे इस्लामी नियमों के अनुसार गलत और नाजायज बताया।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम कानूनी फैसला नहीं है, बल्कि इस्लाम के सामान्य नियमों की जानकारी है।
मुफ्ती बोले- पहले यह जांच जरूरी कि धर्म परिवर्तन हुआ या नहीं
मौलाना इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि आमिर खान की शादी के मामले में यह पहले स्पष्ट होना चाहिए कि गौरी स्प्रैट ने शादी से पहले इस्लाम स्वीकार किया था या नहीं।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को सीधे गुनहगार ठहराने या धार्मिक सजा देने से पहले सभी तथ्यों और निकाह की वास्तविक स्थिति की जांच जरूरी है।
करणी सेना ने भी आमिर खान पर लगाए थे आरोप
इस विवाद से पहले क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर ज्ञानेंद्र सिंह ने भी आमिर खान पर गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने कहा था कि आमिर खान हर बार हिंदू महिलाओं से शादी कर ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने शाही चीफ मुफ्ती को पत्र लिखकर पूछा था कि अगर इस्लाम के अनुसार यह शादी गलत है तो आमिर खान पर वही धार्मिक नियम क्यों लागू नहीं किए जा रहे, जो आम मुसलमानों पर लागू होते हैं।
मुफ्ती ने शरीयत के नियम भी बताए
फतवे में मुफ्ती ने कहा कि इस्लामी नियमों के अनुसार:
- बिना इस्लाम स्वीकार किए किसी गैर-मुस्लिम महिला से निकाह धार्मिक रूप से मान्य नहीं माना जाता।
- किसी महिला के इस्लाम स्वीकार करने का अर्थ केवल नाम बदलना नहीं, बल्कि अल्लाह, पैगंबर मोहम्मद और कुरान पर ईमान लाना भी है।
- पहली पत्नी के साथ अन्याय या बराबरी न कर पाने की स्थिति में एक से अधिक शादी की अनुमति नहीं है।
- उन्होंने यह भी कहा कि पैगंबर मोहम्मद ने धोखा देने वाले व्यक्ति की निंदा की है और पहली पत्नी के साथ नाइंसाफी को बड़ा गुनाह बताया गया है।
मामला क्यों बना चर्चा का विषय?
आमिर खान की तीसरी शादी के बाद पहले करणी सेना की आपत्ति सामने आई, फिर धार्मिक फतवा जारी हुआ और अब महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने अपने विवादित बयान का बचाव किया है। इन घटनाओं के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।