UP News: उत्तर प्रदेश के बहराइच से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बौंडी थाना क्षेत्र में घाघरा नदी किनारे धान की रोपाई के बाद हाथ-पैर धोने गए 12 वर्षीय बच्चे पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। बच्चे को बचाने के लिए उसके चाचा और ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर फेंके, बांस से खींचने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ उसे गहरे पानी में ले गया। करीब 5 घंटे बाद बच्चे का आधा शव नदी से बरामद हुआ। घटना का वीडियो भी शुक्रवार सुबह सामने आया, जिसकी पुलिस ने पुष्टि की है।
धान की रोपाई के बाद नदी में धो रहा था हाथ-पैर
मृतक बच्चे की पहचान सुनील के रूप में हुई है, जो बहराइच के टिकुरी गांव का रहने वाला था। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे वह अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था।
करीब 3-4 घंटे तक काम करने के बाद दोनों घर लौट रहे थे। रास्ते में घाघरा नदी पर हाथ-पैर धोने के लिए रुके। तभी अचानक नदी से एक मगरमच्छ निकला और सुनील पर हमला कर दिया।
चाचा और ग्रामीण बचाने दौड़े, मगरमच्छ नहीं छोड़ा
मगरमच्छ ने सुनील को अपने जबड़े में दबोच लिया। बच्चा खुद को छुड़ाने के लिए हाथ-पैर मारता रहा।
सुनील के चाचा विजय राज सिंह ने शोर मचाया और आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने ईंट-पत्थर फेंके, बांस के डंडों से मगरमच्छ को भगाने की कोशिश की, लेकिन उसने बच्चे को नहीं छोड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ ने बच्चे को दो-तीन बार पानी से बाहर उछालकर पटका और फिर गहरे पानी में खींच ले गया। देखते ही देखते उसने बच्चे के शरीर का बड़ा हिस्सा निगल लिया।
बहराइच से रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो
मगरमच्छ बच्चे को जिंदा चबा गया
मगरमच्छ घाघरा नदी में खींच ले गया, कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम ग्रामीणों को शव बरामद हुआ, मगरमच्छ बालक का एक पैर चबा गया, घटना का वीडियो pic.twitter.com/qgUSTcm8dq
— Gaurav Kumar (@gaurav1307kumar) July 17, 2026
5 घंटे बाद मिला बच्चे का आधा शव
घटना के बाद सैकड़ों ग्रामीण नदी किनारे जुट गए। बड़े-बड़े बांस के डंडों से नदी में तलाश शुरू की गई।
घाघरा नदी में तेज बहाव होने के कारण घटनास्थल से करीब 500 मीटर तक खोजबीन की गई। अंधेरा होने के बाद भी ग्रामीण टॉर्च की रोशनी में बच्चे की तलाश करते रहे।
करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद रात करीब 10 बजे घटनास्थल से लगभग 300 मीटर दूर नदी में बच्चे का आधा शव उतराता मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वन विभाग ने बताई दर्दनाक स्थिति
वन रेंजर साकिब अंसारी ने बताया कि मगरमच्छ बच्चे का दाहिना पैर और कमर के नीचे का हिस्सा खा गया था।
थाना प्रभारी टीएन मौर्या ने भी घटना और वायरल वीडियो की पुष्टि की है।
माता-पिता की हो चुकी थी मौत
सुनील की जिंदगी पहले से ही संघर्षों से भरी थी। उसके पिता बुधराज की करीब 5 साल पहले और मां की 7 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी।
चार भाई-बहनों में सुनील दूसरे नंबर पर था। बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और सबसे छोटी बहन सीमा (7) गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं।
सुनील ने पढ़ाई छोड़ दी थी और माता-पिता की मौत के बाद अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ रह रहा था।
गांव के प्रधान ने बताया पूरा घटनाक्रम
गांव के प्रधान संजय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि चाचा विजय राज सिंह दोपहर में खेत से खाना खाने घर आए थे। उसी समय सुनील जिद करके उनके साथ खेत चला गया।
शाम को लौटते वक्त नदी किनारे हाथ-पैर धोते समय मगरमच्छ ने हमला कर दिया। चाचा ने उसका हाथ पकड़कर खींचने की पूरी कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ज्यादा ताकतवर था और बच्चे को गहरे पानी में ले गया।
प्रशासन देगा 4 लाख रुपये की सहायता
एसडीएम प्रकाश सिंह ने बताया कि घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
नदी किनारे रहने वाले लोगों में दहशत
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से घाघरा नदी में मगरमच्छों की निगरानी बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।