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Commonwealth Games 2026 का आगाज़ आज से, भारत के 125 खिलाड़ी दिखाएंगे दम, 215 गोल्ड मेडल दांव पर..

Commonwealth Games 2026 का आगाज़ आज से, भारत के 125 खिलाड़ी दिखाएंगे दम, 215 गोल्ड मेडल दांव पर..

Commonwealth Games 2026 का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आज (23 जुलाई) से 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स का शानदार आगाज़ होने जा रहा है। 2 अगस्त तक चलने वाले इस बहुप्रतीक्षित खेल महाकुंभ में दुनिया के 74 देशों के 3,000 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस बार कुल 10 खेलों में 215 गोल्ड मेडल समेत 1,168 पदकों के लिए मुकाबले होंगे। भारत की ओर से 125 खिलाड़ी 8 खेलों में अपनी चुनौती पेश करेंगे। वहीं, ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही भारत के लिए पहला पदक पक्का कर दिया है।

ग्लासगो में आज से शुरू होंगे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026

23वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में किया जा रहा है। प्रतियोगिता 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक चलेगी। इस दौरान 74 देशों के 3,000 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

इस बार कुल 215 गोल्ड मेडल इवेंट्स आयोजित होंगे, जबकि सभी वर्गों को मिलाकर 1,168 मेडल दांव पर होंगे। इनमें 47 पैरा-स्पोर्ट्स मेडल इवेंट्स भी शामिल हैं, जो इस बार के खेलों की सबसे बड़ी खासियत माने जा रहे हैं।

भारत के 125 खिलाड़ी 8 खेलों में करेंगे देश का प्रतिनिधित्व

भारत इस बार 125 खिलाड़ियों का मजबूत दल लेकर ग्लासगो पहुंचा है। भारतीय खिलाड़ी 8 अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेंगे और देश के लिए ज्यादा से ज्यादा पदक जीतने की कोशिश करेंगे।

हालांकि इस बार कई ऐसे खेल शामिल नहीं हैं जिनमें भारत का प्रदर्शन हमेशा शानदार रहा है। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

लवलीना बोरगोहेन ने भारत के लिए पहला मेडल किया पक्का

भारत की स्टार बॉक्सर और ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के लिए पहला पदक सुनिश्चित कर दिया है।

उन्हें क्वार्टर फाइनल में बाई मिली, जिसके चलते वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। अब उनका मुकाबला 31 जुलाई को टी.के.बी.पी. ताफाकी से होगा।

बॉक्सिंग में दोनों सेमीफाइनल हारने वाले खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है क्योंकि तीसरे स्थान के लिए अलग मुकाबला नहीं कराया जाता। इसी वजह से लवलीना का पदक पहले ही पक्का हो गया है।

1930 में हुई थी कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत वर्ष 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर से हुई थी। उस समय इसका नाम ब्रिटिश एम्पायर गेम्स था।

पहले संस्करण में ब्रिटिश साम्राज्य से जुड़े 11 देशों के 400 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। शुरुआती खेलों में एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स, रोइंग, स्विमिंग और रेसलिंग जैसी स्पर्धाएं शामिल थीं।

इसके बाद समय-समय पर इस प्रतियोगिता का नाम बदला गया।

  • 1930-1950 : ब्रिटिश एम्पायर गेम्स
  • 1954 : ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स
  • 1970 : ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स
  • 1978 से अब तक : कॉमनवेल्थ गेम्स

इन खेलों का आयोजन हर चार साल में किया जाता है।

भारत ने पहली बार कब लिया था हिस्सा?

भारत ने पहली बार 1934 के कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था।

उसी संस्करण में भारतीय पहलवान राशिद अनवर ने पुरुषों की 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतकर भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला पदक दिलाया था।

भारत ने 1930, 1950, 1962 और 1986 को छोड़कर लगभग सभी संस्करणों में हिस्सा लिया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का शानदार रिकॉर्ड

1934 से अब तक भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 564 पदक जीते हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • 203 गोल्ड
  • 189 सिल्वर
  • 172 ब्रॉन्ज

भारत ने सबसे ज्यादा पदक शूटिंग में जीते हैं, लेकिन इस बार शूटिंग प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है।

इस बार कई लोकप्रिय खेल नहीं होंगे शामिल

ग्लासगो 2026 में कुल 10 खेल आयोजित होंगे, लेकिन कई बड़े खेल इस बार कार्यक्रम से बाहर कर दिए गए हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • क्रिकेट
  • हॉकी
  • शूटिंग
  • बैडमिंटन
  • कुश्ती
  • टेबल टेनिस
  • स्क्वैश

इन खेलों के बाहर होने से भारत के मेडल जीतने की संभावनाओं पर भी असर पड़ सकता है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्या है नया?

इस बार कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

कॉमनवेल्थ माइल की वापसी

करीब 60 साल बाद एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ माइल इवेंट की वापसी हो रही है।

यह प्रतियोगिता आखिरी बार 1966 में आयोजित हुई थी। इसमें पुरुष और महिला वर्ग में 1500 मीटर की जगह 1.609 किलोमीटर (1 मील) की दौड़ होगी।

इतिहास का सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट्स कार्यक्रम

इस बार छह खेलों में पैरा-स्पोर्ट्स को पूरी तरह शामिल किया गया है।

47 पैरा-स्पोर्ट्स मेडल इवेंट्स के साथ यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट्स प्रोग्राम बन गया है।

ग्लासगो दूसरी बार करेगा मेजबानी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन ग्लासगो के चार अलग-अलग वेन्यू पर किया जाएगा।

ग्लासगो इससे पहले 2014 में भी कॉमनवेल्थ गेम्स की सफल मेजबानी कर चुका है। अब दूसरी बार यह शहर इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है।

ओपनिंग सेरेमनी में चानू और लवलीना होंगी भारत की फ्लैग बियरर

23 जुलाई को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से 2:30 बजे तक आयोजित होगी।

समारोह ग्लासगो के OVO Hydro Arena में होगा।

भारत की ओर से मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन तिरंगा लेकर मार्च पास्ट में देश का नेतृत्व करेंगी।

इस दौरान मशहूर ब्रिटिश सिंगर टॉम वॉकर अपनी प्रस्तुति देंगे।

मेडल में दिखेगी ग्लासगो की पहचान

ग्लासगो 2026 के मेडल्स को पुरस्कार विजेता डिजाइनर मिलित्सा मिलेनकोवा ने डिजाइन किया है।

इनमें शहर के ऐतिहासिक लैंडमार्क, औद्योगिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और कोट ऑफ आर्म्स की झलक देखने को मिलेगी।

सबसे खास बात यह है कि कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार मेडल्स में ब्रेल और टैक्टाइल एलिमेंट्स भी शामिल किए गए हैं ताकि दृष्टिबाधित खिलाड़ी भी इन्हें आसानी से महसूस कर सकें।

भारत में कहां देख सकते हैं लाइव मुकाबले?

भारतीय दर्शक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का सीधा प्रसारण कई प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे।

  • Sony Sports Network पर लाइव टीवी प्रसारण
  • Sony LIV ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग
  • DD Sports पर मुफ्त प्रसारण

इसके अलावा विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव अपडेट्स भी उपलब्ध रहेंगे।