INDI Alliance: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देश की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। संसद से लेकर सड़क तक सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। इसी बीच गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नई दिल्ली स्थित आवास पर INDI गठबंधन की अहम बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, एनसीपी (शरद पवार गुट) समेत कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के बाद गांधी स्मृति तक मार्च की घोषणा की गई। वहीं, राहुल गांधी के आवास के बाहर खड़ी कई खाली बसों को लेकर भी सियासत तेज हो गई और बीजेपी ने इसे लेकर विपक्ष पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी के घर जुटे INDI गठबंधन के बड़े नेता
नई दिल्ली स्थित राहुल गांधी के आवास पर आयोजित बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले, कांग्रेस नेता जयराम रमेश समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे।
इसके अलावा आरजेडी सांसद संजय यादव, परिणीति शिंदे, शफी परम्बिल, प्रमोद तिवारी, अखिलेश प्रसाद सिंह और इमरान प्रतापगढ़ी सहित कई सांसद भी बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा NEET पेपर लीक विवाद, छात्रों का आंदोलन और संसद में विपक्ष की आगे की रणनीति तय करना रहा।
गांधी स्मृति तक मार्च का ऐलान, छात्रों के समर्थन में उतरे राहुल गांधी
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि INDI गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से 30 जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने लिखा कि वे उन छात्रों को श्रद्धांजलि देने जा रहे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान गंवाई। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष उन छात्रों के साथ खड़ा है जो न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
राहुल गांधी के घर के बाहर खड़ी दिखीं कई खाली बसें
INDI गठबंधन की बैठक के दौरान राहुल गांधी के आवास के बाहर कई खाली बसें खड़ी दिखाई दीं, जिसके बाद इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि राहुल गांधी के घर पर लगातार बसें पहुंच रही हैं और कांग्रेस के सांसद वहां इकट्ठा हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से ध्यान हटाने की कोशिश है।
बीएल संतोष ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह विपक्ष की “ड्रामेबाजी” है और इससे कुछ समय के लिए देश का नुकसान हो रहा है। हालांकि, बसों के वहां मौजूद होने के उद्देश्य को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और विपक्ष की ओर से भी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
NEET पेपर लीक को लेकर संसद में जारी है गतिरोध
NEET पेपर लीक मामले को लेकर संसद का मानसून सत्र लगातार प्रभावित हो रहा है। विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है, जबकि सरकार चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है।
विपक्ष का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए, जबकि सरकार का दावा है कि वह संसद में हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट का किया ऐलान
गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने की घोषणा की।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और युवाओं का भरोसा मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
जेपी नड्डा ने कहा- सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में NEET पेपर लीक समेत सभी मुद्दों पर जितनी देर विपक्ष चाहे, उतनी देर तक चर्चा करने के लिए तैयार है।
सरकार का कहना है कि वह संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहती है।
जितेंद्र सिंह बोले- बातचीत के लिए कई बार दिया गया प्रस्ताव
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार पिछले 24 घंटों में कई बार बातचीत का प्रस्ताव दे चुकी है।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शन से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रदर्शनकारियों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार खुले मन से हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।
CJP ने सरकार का प्रस्ताव ठुकराया, तटस्थ जगह पर बैठक की मांग
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP ने सरकार के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को बातचीत से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वे किसी केंद्रीय मंत्री के आवास पर बैठक में शामिल नहीं होंगे।
उन्होंने मांग की कि बातचीत या तो जंतर-मंतर पर हो या फिर दोनों पक्षों की सहमति से तय किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित की जाए।
क्या आगे बढ़ेगी बातचीत या और बढ़ेगा टकराव?
राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक के बाद विपक्ष ने छात्रों के समर्थन में अपनी रणनीति और तेज कर दी है। दूसरी ओर सरकार लगातार बातचीत और संसद में चर्चा की बात कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों पक्ष किसी साझा समाधान तक पहुंचते हैं या राजनीतिक टकराव और तेज होता है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).