UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ समाजवादी नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे आलमबदी आजमी का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बुधवार देर रात उन्होंने आजमगढ़ स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह पिछले चार महीनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। उनके निधन से समाजवादी पार्टी समेत पूरे प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर है। आज शाम 4 बजे उन्हें जनाजे की नमाज के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
90 साल की उम्र में हुआ निधन, चार महीने से थे बीमार
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आलमबदी आजमी लंबे समय से अस्वस्थ थे। पिछले चार महीने से उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। इलाज के बाद उन्हें आजमगढ़ स्थित आवास लाया गया था, जहां बुधवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनका जनाजा आजमगढ़ में कब्रिस्तान के लिए रवाना हो चुका है। शाम 4 बजे जनाजे की नमाज अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
स्कूटी से विधानसभा पहुंचकर बने थे चर्चा का विषय
करीब पांच महीने पहले आलमबदी आजमी उस समय सुर्खियों में आए थे, जब वह स्कूटी से उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे थे। उनकी सादगी और आम लोगों जैसी जीवनशैली की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं।
उन्हें समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का बेहद करीबी माना जाता था।
कौन थे आलमबदी आजमी?
आलमबदी आजमी का जन्म 16 मार्च 1936 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बिंदवल गांव में हुआ था। उन्होंने 22 जुलाई 2026 को 90 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया।
वे अपनी गांधीवादी सोच, सादगी और जनता के बीच रहने वाले नेताओं में गिने जाते थे।
शिक्षा: इंजीनियरिंग डिप्लोमा किया था
आलमबदी आजमी ने वर्ष 1953 में गोरखपुर के इस्लामिया कॉलेज से इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद 1956 में इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग टेक्निकल इंस्टीट्यूट, गोरखपुर से डिप्लोमा प्राप्त किया।
परिवार में 6 बेटे और 1 बेटी
आलमबदी आजमी के परिवार में छह बेटे और एक बेटी हैं। उनकी पत्नी और बेटी का पहले ही निधन हो चुका है।
उनके परिवार के सदस्य इस प्रकार हैं—
- शहजाद आलम (गुड्डू) – आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में कार्यरत
- शादाब अली (टीपू) – पूर्व हॉकी खिलाड़ी, रेलवे से सेवानिवृत्त
- सिराज आलम (टीटू) – वर्तमान में लखनऊ में निवास
- इंतखाब आलम (बबलू) – आजमगढ़ में फर्नीचर व्यवसाय
- दानिश खान – दिल्ली में निजी नौकरी
- मुर्तजा अली (बाबू) – पिता के सामाजिक और राजनीतिक कार्यों में सहयोगी
पांच बार बने विधायक, 1996 में पहली बार जीता चुनाव
आलमबदी आजमी का राजनीतिक सफर काफी लंबा और सफल रहा।
- 1996 में पहली बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर निजामाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुने गए।
- 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार अंगद यादव से हार गए।
- इसके बाद 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे।
- 2022 विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को 35 हजार से अधिक वोटों से हराया।
2022 के चुनावी हलफनामे में इतनी थी संपत्ति
2022 विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग 50 लाख रुपये थी।
संपत्ति का विवरण—
- कुल संपत्ति: लगभग ₹50 लाख
- नकद: ₹40 हजार
- बैंक जमा: ₹9.41 लाख
- बोलेरो गाड़ी: लगभग ₹10 लाख
- कृषि भूमि: 0.84 एकड़
- मकान: 2400 वर्गफीट, अनुमानित कीमत ₹23 लाख
सादगी भरी जिंदगी के लिए थे मशहूर
आलमबदी आजमी को उनकी सादगी के लिए पूरे प्रदेश में जाना जाता था।
उनकी जीवनशैली किसी आम व्यक्ति जैसी थी।
- की-पैड वाला साधारण मोबाइल फोन इस्तेमाल करते थे।
- अक्सर रोडवेज बस से यात्रा करते थे।
- कई बार लोगों से मिलने के लिए लिफ्ट लेकर भी सफर कर लेते थे।
- लखनऊ स्थित दारुलशफा आवास से विधानसभा तक पैदल चले जाते थे।
- बड़े काफिले में चलने के बजाय अकेले या बेटे के साथ ही क्षेत्र का दौरा करते थे।
इसी सादगी ने उन्हें जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बनाया।
अब उत्तर प्रदेश में चार विधानसभा सीटें खाली
आलमबदी आजमी के निधन के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा की चार सीटें खाली हो गई हैं।
इनमें—
- निजामाबाद (सपा)
- दुद्धी (सपा)
- घोसी (सपा)
- फरीदपुर (भाजपा)
हालांकि इन सीटों पर अब उपचुनाव नहीं होंगे क्योंकि विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने में एक वर्ष से भी कम समय बचा है।
अब माता प्रसाद पांडेय बने सबसे उम्रदराज विधायक
आलमबदी आजमी उत्तर प्रदेश विधानसभा के सबसे उम्रदराज विधायक थे।
उनके निधन के बाद अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय सबसे उम्रदराज विधायक बन गए हैं। उनकी उम्र वर्तमान में 83 वर्ष है।